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दिल्ली। भाजपा के दिल्ली चुनाव जीतने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम पर लगातार अटकलें लगाए जा रही हैं। सस्पेंस अभी बरक़रार है लेकिन शपथ ग्रहण समारोह की तारीखों पर मुहर आग चुकी है। कहा जा रहा है 17 या 18 फरवरी को विधायक दल की मीटिंग के बाद 19 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह किया जायेगा।
मध्यप्रदेश और राजस्थान में भाजपा के चौंकाने के बाद दिल्ली में मुख्यमंत्री का नाम इसलिए भी बड़ा मुद्दा हो रहा है क्योंकि भाजपा ने मुख्यमंत्री का नाम घोषित नहीं किया था। पीएम मोदी के नाम, उनकी नीतियों और गारंटी के नाम पर बनी सरकार का चेहरा वो भी हो सकता है जो अभी तक रेस में था ही नहीं। आम आदमी पार्टी के 10 साल पुराने शासन को खत्म करके भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर विजय हासिल की है।
इस बार के दिल्ली चुनावों के परिणामों यह साफ तौर पर देखा गया की जाटों ने भाजपा का खुलकर साथ दिया है। यही वजह है कि भाजपा ने 10 जाट बहुल सीटें इस चुनाव में जीती हैं। जाट बहुल सीटों में भाजपा को मुंडका, नजफगढ़, नांगलोई जाट , मटियाला, बिजवासन, महरौली, बावन, नरेला, रिठाला और विकासपुरी मिल गयी हैं। भाजपा इसका बदला जाटों को एक बेहतर उपहार के तौर पर दे सकता है।
अरविन्द केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा भी जाट समुदाय से आते हैं और वे मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे प्रमुख दावेदार बताये जा रहे हैं। यदि पार्टी प्रमुख का फैसला कुछ और भी हो तब भी प्रवेश वर्मा का मंत्री पद तो निश्चित ही है।
चुनाव के ठीक पहले आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने वाले कैलाश गेहलोत भी मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार हैं। परिवहन और गृह जैसे मंत्रालय संभल चुके गेहलोत अनुभव के आधार पर सरकार में अहम् जगह बना सकते हैं।
भाजपा के टिकट पर 3 प्रमुख सिख नेता भी चुनाव जीते हैं। जिनमें से मन्जिनमंजिंदर सिंह सिरसा, अरविंदर सिंह लवली और तरविंदर सिंह मारवाह भी रेस में आगे बताये जा रहे हैं। इन तीन में से एक सिख नेता का मंत्री बनना लगभग तय है।
इसी तरह भाजपा ने उन सीटों पर शानदार विजय हासिल की है जहाँ पूर्वांचल वोटर्स की अधिकता है। इस तरह के इलाकों से भाजपा ने १७ सीट हासिल की हैं। और यही वजह है की यहाँ आना तय है। इस मामले में लक्समी नगर से जीते अभय वर्मा का नाम सबसे अधिक मजबूत दावेदारी रखता है। अभय वर्मा मूल रूप से दरभंगा के रहने वाले हैं। इसी क्रम में संगम विहार से जीते चन्दन चौधरी और विकासपुरी से जीते पंकज कुमार सिंह भी दावेदार हैं।
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