Thursday, May 26, 2022

अच्छे दिन की नई परिभाषा.. यही अच्छे दिन कहलाते हैं

  #विजयमनोहरतिवारी आठ साल से विट्‌ठलभाई पटेल की स्मृति में इंदौर में जलसा होता है। विट्‌ठलभाई पटेल सांस्कृतिक प्रतिष्ठान के वे समर्पित कार्यकर्ता यह करते हैं, जो मध्यप्रदेश मूल के एक बहुआयामी व्यक्तित्व से बहुत निकट...

बहुसंख्यक डर..तो हम सबका नामो निशान मिट जाएगा

  हिन्दुस्तान में यह नस्लवादी हिंसक धर्मान्धता का सिलसिला खत्म होना चाहिए, वरना कुछ लोग अफगानिस्तान-पाकिस्तान के आत्मघाती दस्तों से प्रेरणा पा सकते हैं, और उस दिन देश में किसी तबके के कोई लोग सुरक्षित...

हिन्द की प्रयोगशाला .. नाम बताओ, चुप रहोगे तो ‘######’ मानकर मार दिए जाओगे...

लोगों की बर्दाश्त तौली जा रही है, और दहशत नापी जा रही है। मकसद पूरा होने तक बर्दाश्त और दहशत दोनों को बढ़ाते चलना है, मध्यप्रदेश के नीमच में बुजुर्ग की हत्या पर न...

रुका हुआ फैसला…अदालती मामलों में ना-लायक साबित होता लोकतंत्र !

  ये कैसा न्याय-क्रिकेटर, राजनेता नवजोत सिद्धू को 34 साल बाद एक मामले में सजा मिली, वहीँ छत्तीसगढ़ में दो आदिवासी जमानत के पैसों का इंतज़ाम न होने के कारणकरीब 9 साल तक जेल में...

दुस्साहस : देश जोड़ने का सपना देखती टूटती हुई कांग्रेस

  कांग्रेस के लिए क्या यह हार्दिक दुख की बात नहीं कि पार्टी तो अंदर से टूट रही है और राहुल गांधी भारत को जोड़ने की यात्रा पर निकलना चाहते हैं ? श्रवण गर्ग (वरिष्ठ पत्रकार...