iमहाराष्ट्र की महाभारत में इस बार फिर संजय ने खेल कर दिया। महाभारत में संजय ने धृतराष्ट्र को युद्ध का दृश्य सुनाया था अपनी दूरदृष्टि से। महाराष्ट्र में
संजय ने प्रार्टी के मुखिया को ही धृतराष्ट्र बना दिया। संजय ने उद्धव को यद्ध भूमि की गलत जानकारी देकर पूरी शिवसेना को ही दांव पर लगा दिया। इस बार संजय ने ऑन कैमरा अनकट गाली देकर उद्धव का बचा खुचा उद्धार कर दिया।
महाराष्ट्र में अब शिवसेना के दिखाने के दांत भी टूट गए। ऑपेरशन टाइगर ने सब झपट लिया।
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Mumbai ..देश की राजनीति में भाजपा के आने के अब नया ट्रेंड आया है। पहले सांसद/विधायक, नेता टूटते थे, दूसरे दल में शामिल होते थे। ये दलबदल कहलाता था। अब दलबदल नहीं होता पूरा दल लेकर ही नेता इधर से उधर हो रहे हैं। एकनाथ शिंदे गुट ने पूरी शिवसेना ही हटिया ली। इसके मुखिया, सुप्रीमो
संस्थापक परिवार के हाथ कुछ नहीं लगा। बुधवार को महाराष्ट्र एक और ऑपेरशन टाइगर हुआ जिसमे उद्धव की बची हुई शिवसेना के 9 में से 6
सांसदों ने बगावत कर दी। यानी उद्दव के पास न अब सेना रही न शिव। इस सबके पीछे फिर एक संजय दिखे।
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। सूत्रों के अनुसार, छह सांसदों ने शिंदे गुट की शिवसेना में विलय के लिए बुधवार सुबह 9:30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी भेजी है।सूत्रों के अनुसार, चिट्ठी भेजने वाले सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल का नाम शामिल है। संजय दीना पाटिल ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज किया था। उन्होंने कहा- मैं उद्धव ठाकरे की पार्टी का सांसद हूं और इसी पार्टी में रहूंगा।
इधर, शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी। राउत ने कहा- ये साले #$% के। ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। राउत ने बाद में मीडिया से कहा- मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं।
राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि बागी सांसदों को 50-50 करोड़ रुपए ऑफर हुए हैं। राउत ने कहा- मेरे पास जानकारी है कि सांसदों को 15-15 करोड़ रुपए पहुंचाए गए हैं और उन्हें 3 चार्टर्ड विमानों से दिल्ली लाया गया है।
राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) के 9 में से सिर्फ 3 सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत मौजूद रहे। राउत ने कहा कि बाकी सांसदों को खुद सामने आकर अटकलों का खंडन करना चाहिए।
उद्धव और अन्य पार्टी लीडर्स अपने सांसदों से लगातार संपर्क करने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। पार्टी ने गुरुवार को दिल्ली में संसदीय समिति की बैठक बुलाई है।
शिवसेना (UBT) की संसदीय पार्टी में संभावित बंटवारे की अटकलों के बीच, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के नेताओं ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया कि बागी सांसदों की किसी भी पहल पर विचार करने से पहले पार्टी का पक्ष जरूर सुनें।
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने लोकसभा सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई के साथ दिल्ली में बिरला से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसी खबरों के बीच हुई कि शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद संसद में अलग गुट के तौर पर मान्यता पाने के लिए स्पीकर से संपर्क कर सकते हैं।
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