लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना अगले 5 साल रहेंगी जारी
मध्य प्रदेश में लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मियों को सरकारी सहायता मिलती रहेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दोनों योजनाओं को अगले 5 साल तक जारी रखने का फैसला लिया गया है। सरकार लाड़ली बहना योजना पर 1,14,365 करोड़ और लाड़ली लक्ष्मी योजना पर 16,326 करोड़ रुपए खर्च करेगी।
खास तौर से लाड़ली बहना योजना को लेकर विपक्ष लंबे समय से सवाल उठाता रहा है। 2023 में दोबारा सरकार बनने के बाद योजना बंद होने की अफवाहें भी सामने आई थीं, लेकिन सरकार ने इसे बंद नहीं किया।
अब कैबिनेट ने योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला लिया है। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की राशि दी जा रही है। वहीं, रक्षाबंधन के मौके पर 250 रुपए अलग से दिए जाएंगे।
मोहन कैबिनेट ने इसके अलावा मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों समेत 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। निगम में पहले से स्वीकृत 7 पद 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक बने रहेंगे। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य का हिस्सा रहेगा।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की मौजूदा योजनाओं को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इनमें नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाने, अस्पतालों और डिस्पेंसरी के लिए भवन निर्माण की योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त भारत के लिए देश में 100 सप्ताह का बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इसमें प्रमुख हस्तियों, समाजसेवी संस्थाओं और हर वर्ग के लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने सिविल डिफेंस नेटवर्क तैयार करने की आवश्यकता भी बताई।
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ‘अनुसंधान, योजना तथा विकासीय गतिविधियां’, ‘निर्देशन एवं प्रशासन’ और ‘विज्ञान को लोकप्रिय करना, विज्ञान के प्रसार हेतु सहायता’ योजनाओं को भी जारी रखने की मंजूरी मिली है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में पांच साल के लिए 492 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही प्रधानमंत्री की मंशा के मुताबिक प्रदेश में फ्री ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
