सऊदी में भीख मांगना पड़ेगा भारी! पाकिस्तान ने अपने नागरिकों को दी डिपोर्टेशन की चेतावनी
सऊदी अरब जाने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के लिए पाकिस्तान सरकार ने सख्त एडवाइजरी जारी की है। उमराह यात्रियों और कामगारों को चेतावनी दी गई है कि वे सऊदी अरब में भीख मांगने, बिना अनुमति पैसे जुटाने या वीजा नियमों का उल्लंघन करने से बचें। ऐसा करते पाए जाने पर गिरफ्तारी, हिरासत और देश से बाहर निकाले जाने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
सऊदी अरब स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने अपने नागरिकों से वहां के कानूनों और वीजा की शर्तों का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। एडवाइजरी में खास तौर पर भीख मांगने और गैरकानूनी तरीके से फंड इकट्ठा करने को लेकर चेताया गया है।
साथ ही यात्रियों से कहा गया है कि वीजा की अवधि समाप्त होने से पहले सऊदी अरब से निकल जाएं और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल न हों, जिसे वहां का कानून प्रतिबंधित करता है।
پاکستان سے انے والے تمام عمرہ زائرین اور ورکرز کے نام اہم پیغام pic.twitter.com/BzOScR3lFP
— Pakistan Embassy Saudi Arabia (@PakinSaudiArab) August 16, 2026
पाकिस्तानी मिशन की ओर से इस संदेश को लेकर एक AI-जनरेटेड वीडियो भी साझा किया गया है। इसमें एक व्यक्ति को सऊदी पुलिस द्वारा हिरासत में ले जाते हुए दिखाया गया है। वीडियो के जरिए उमराह यात्रियों और कामगारों को यह संदेश दिया गया कि धार्मिक यात्रा या रोजगार के लिए सऊदी पहुंचने वाले लोग स्थानीय कानूनों को हल्के में न लें।
एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी व्यक्ति को आर्थिक मदद या फंड जुटाने की जरूरत है, तो उसके लिए केवल कानूनी और अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल किया जाए। बिना अनुमति लोगों से पैसे मांगना या सार्वजनिक स्थानों पर धन इकट्ठा करना परेशानी का कारण बन सकता है।
दरअसल, विदेशों में पाकिस्तानी नागरिकों के भीख मांगने और कथित तौर पर संगठित नेटवर्क के जरिए लोगों को दूसरे देशों में भेजे जाने का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है।
दिसंबर 2025 में पाकिस्तान की एक संसदीय समिति को FIA की ओर से बताया गया था कि वर्ष 2025 में 66,154 यात्रियों को अलग-अलग कारणों से एयरपोर्ट से ऑफलोड किया गया था। अधिकारियों ने संगठित भीख मांगने और अवैध प्रवासन को पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए गंभीर समस्या बताया था।
सऊदी अरब में भी पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़े ऐसे मामलों को लेकर पहले चिंता सामने आती रही है। यही वजह है कि पाकिस्तान सरकार अब विदेश जाने वाले अपने नागरिकों को पहले से ही चेतावनी दे रही है कि उमराह या रोजगार के लिए विदेश पहुंचकर किसी गैरकानूनी गतिविधि का हिस्सा न बनें।
पाकिस्तान के लिए यह मामला सिर्फ विदेशों में कानून तोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की छवि से भी जुड़ा हुआ है। जब किसी देश के नागरिक दूसरे देशों में गैरकानूनी तरीके से भीख मांगते या फंड जुटाते पाए जाते हैं, तो इसका असर उस देश के नागरिकों की जांच और आव्रजन प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।
सऊदी अरब में नियमों को लेकर अब पाकिस्तान का संदेश बेहद साफ है उमराह के लिए जाइए, काम के लिए जाइए, लेकिन वहां के कानून का उल्लंघन मत कीजिए। वरना धार्मिक यात्रा या रोजगार का सफर जेल, हिरासत और आखिरकार डिपोर्टेशन तक पहुंच सकता है।
