Terrorist Encounter in Kulgam: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के घने अखल जंगल में शनिवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली।
सेना के जवानों ने ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के स्थानीय आतंकी हारिस नजीर डार को मुठभेड़ में मार गिराया गया।
हारिस पुलवामा जिले का रहने वाला था और सरकार द्वारा 26 अप्रैल को जारी की गई 14 लोकल आतंकियों की सूची में शामिल था।
यह वही सूची है जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तैयार की थी। हारिस को C-कैटेगरी का आतंकी बताया गया है।
सेना का ‘ऑपरेशन अखल’
शनिवार सुबह सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली कि कुलगाम के अखल जंगल इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं।
इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन अखल’ चलाया।
जैसे ही सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया, जिसकी पहचान हारिस नजीर डार के रूप में हुई।
मुठभेड़ स्थल से AK-47 राइफल, मैगजीन, ग्रेनेड और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ है।
इलाके में अभी और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है, जिसके चलते सर्च ऑपरेशन फिलहाल जारी है।
सरकार की हिट लिस्ट में था नाम
26 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय ने जिन 14 स्थानीय आतंकियों की सूची जारी की थी, उनमें हारिस का नाम भी शामिल था।
इस लिस्ट के तहत अब तक कुल 7 आतंकी मारे जा चुके हैं, जिनमें हारिस ताजा नाम है।
इससे पहले मई महीने में शोपियां और पुलवामा में हुई मुठभेड़ों में 6 आतंकी मारे गए थे।
जहां, 13 मई को शोपियां में शाहिद कुट्टे, अदनान शाफी और अहसान उल हक शेख मारे गए थे
वहीं, 15 मई को पुलवामा में आमिर नजीर वानी, यावर अहमद भट और आसिफ अहमद शेख ढेर हुए थे।
अब सरकार और सुरक्षाबलों की नजर लिस्ट में बचे हुए 7 अन्य आतंकियों पर है, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है।
You may also like
-
हर नाजुक मौका इस देश में उजागर कर देता है बड़े-बड़े दांत-नाखून…
-
भारत में प्लास्टिक के नोटों की तैयारी, 10 और 20 रुपये के नए नोटों का होगा ट्रायल
-
गारंटी पूरी नहीं हुई तो फिर होगा देशव्यापी आंदोलन, CJP का सरकार को अल्टिमेटम
-
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों हुआ? आखिर क्यों झुकी मोदी सरकार?
-
AI डीपफेक पर सख्त हुए नितिन गडकरी, बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे लगाया मानहानि का केस!
