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Laloo- tejpratap news-तेजप्रताप मामले को लेकर RJD और लालू प्रसाद यादव के ऊपर सवालों की बौछार ही रही है।
पूरा परिवार घेरे में है। लालू और परिवार से पूछा जा रहा है बिहार के पूर्व सीएम दरोगा प्रसाद राय की पोती के साथ अपराध हुआ था,
तब लालू यादव चुप थे। अब अनुशासन की दुहाई सिर्फ मुआवजे से बचने के लिए ।
बयान ये भी आ रहे हैं कि ये सारा मामला ऐश्वर्या को तलाक के बाद
36 करोड़ मुआवजा न देना पड़े इस इसलिए ये सारा ड्रामा किया जा रहा है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संरक्षक लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को उनके गैर-जिम्मेदाराना आचरण और परिवार के मूल्यों और सार्वजनिक शिष्टाचार से विचलन का हवाला देते हुए पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।
यह घटना फेसबुक पर 37 वर्षीय तेज प्रताप द्वारा एक कथित पोस्ट के एक दिन बाद हुई, जिसमें अनुष्का यादव के साथ उनके लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते के बारे में बताया गया था, जिसमें कहा गया था कि वे पिछले 12 सालों से प्यार करते हैं और रिलेशनशिप में हैं।
अब पूरे मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। तेज प्रताप मामले को लेकर JDU का पलटवार… अनुशासन की दुहाई सिर्फ मुआवजे से बचने के लिए
जेडीयू नेता नीरज कुमार ने राजद पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि तेजप्रताप लालू यादव के बेटे हैं। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अनुशासनहीनता दिखाई है।
जब बिहार के पूर्व सीएम दरोगा प्रसाद राय की पोती के साथ अपराध हुआ था, तब लालू यादव चुप थे।
तेजस्वी यादव को उनकी सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा को लिखना चाहिए।
लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है और सदन से निकाल दिया गया है और उनके बेटे तेजस्वी यादव ने कहा कि वे मेरे बड़े भाई हैं।
शब्दों से मत खेलिए। सदस्यता समाप्त करने के लिए सीधे आवेदन दीजिए।
लालू ने एक्स पर लिखा था-
निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमज़ोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूँ। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है। अपने निजी जीवन का भला -बुरा और गुण-दोष देखने में वह स्वयं सक्षम है। उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूँ। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सावर्जनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है। धन्यवाद। तेज प्रताप मामले को लेकर JDU का पलटवार… अनुशासन की दुहाई सिर्फ मुआवजे से बचने के लिए
ऐश्वर्या मामले में लालू से सवाल
जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं विधान पार्षद नीरज कुमार ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निष्कासन पर पूछा है कि तेज प्रताप को परिवार और पार्टी से अलग करने के पीछे राजनीतिक दांव-पेंच क्या है?
उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद नैतिक मूल्यों और परिवारिक संस्कार की बात कर रहे हैं तो मैं उनसे पूछता हूं कि जब पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पोती ऐश्वर्याा राय के साथ दुर्व्यवहार हो रहा था तब आपका और आपके परिवार का संस्कार कहां गया था?
क्या यही बेटियों का सम्मान है लालू परिवार में?
विधान पार्षद नीरज कुमार ने लालू प्रसाद से पूछा है कि कहीं ऐश्वर्या राय द्वारा मुआवजे या वैवाहिक अधिकारों की मांग से बचने की चाल तो नहीं है?
बिना तलाक दूसरी शादी तो कानूनन अमान्य है तो अनुष्का का क्या होगा?
लालू प्रसाद कहते हैं कि तेज प्रताप अब परिवार का हिस्सा नहीं तो फिर तेजस्वी यादव बड़े भाई कैसे बता रहे हैं?
यह कौन-सी नूरा कुश्ती है?
वहीं, दूसरी ओर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि लालू प्रसाद यादव द्वारा तेजप्रताप को पार्टी और परिवार से अलग करना केवल जनता को भ्रम में डालने का राजनीतिक खेल है।
इसके पीछे ऐश्वर्या राय द्वारा तलाक केस में 36 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग है।
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