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भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब परिवार के लिए राजनीतिक फसल की बुआई शुरू कर दी है। संसदीय क्षेत्र विदिशा के लाडकुई गांव से रविवार को वे पदयात्रा पर निकले। इस पदयात्रा में शिवराज पूरे कुनबे के साथ निकले। पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय के साथ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पासआउट बहू अमानत भी गांवों में पदयात्रा कर रही हैं। एक तरह से शिवराज इस यात्रा के जरिये बेटे और बहू को जनता से रु ब रु करवा रहे हैं।
मीडिया से चर्चा में शिवराज ने कहा कि विकसित भारत के लिए जनता जागे और अपने गांवों को विकसित बनाए। अकेले सरकार नहीं, समाज भी निकले। इसलिए जनता को जगाने निकले। जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जो विकसित भारत के अभियान के लिए अपने आप को समर्पित कर रहे हैं।
बहू के यात्रा के सवाल पर बोले यहां तो सब हैं। यहां कोई परिवार नहीं, सब एक परिवार हैं। सबका लक्ष्य है, विकसित भारत। राष्ट्रिय अध्यक्ष के सवाल को टालते हुए वे आगे बढ़ गए।
यात्रा रविवार शाम 4:14 सीहोर जिले के लाडकुई गांव में पुलिस चौकी के सामने टेंट से शुरू हुई। मंच पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान साथ में शिवराज की पत्नी साधना सिंह चौहान, बडे़ बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत भी मंच पर पहुंचते हैं।
स्थानीय विधायक रमाकांत भार्गव, आष्टा विधायक गोपाल सिंह चौहान, सीहोर विधायक सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, पूर्व जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, रघुनाथ सिंह भाटी भी मंच पर मौजूद होते हैं।
यात्रा का उद्देश्य
सभा में शिवराज ने लाडकुई के सामने लगे मंच पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का मतलब ऐसा भारत जहां, सड़क-बिजली-पानी का जाल बिछा हो। जहां खेती उन्नत होती हो, मां-बहन-बेटियों का सम्मान हो। बच्चे ठीक से पढ़ते हों, हर परिवार रोजगार से जुड़ा हो। कोई भूखा न सोए, इलाज की बेहतर सुविधाएं हों। जिंदगी लोग आराम से बिताएं।
शिवराज ने कहा कि ये विकसित भारत मोदी जी का संकल्प है और ये विकसित भारत मेरे जीवन का मंत्र बन गया है। इसका मतलब लाडकुई और हमारे हर गांव विकसित हों। ये काम अकेले मंत्री, मुख्यमंत्री विधायक-सांसद नहीं कर सकते। सबको अपना योगदान देना होगा।
खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाया हूँ
शिवराज ने कहा- मैं आज अकेला नहीं आया हूं। देश के जाने-माने साइंटिस्ट भी साथ आए हैं। आईसीएआर के डीजी एमएल जाट भी यहां आए हैं। ये किसानों से चर्चा करेंगे। खेती में अधिकतम उत्पादन कैसे हो, इसके लिए यहां के गांवों के खेतों की पूरी कुंडली बनाकर लाए हैं। तो कार्यक्रम कोई ऐसा कर्मकांड नहीं कि बस आंधी नहीं तूफान है, शिवराज सिंह चौहान है।
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