पत्रकारिता जगत की खबरों के सबसे भरोसेमंद प्लेटफार्म भड़ास4मीडिया में गुरुवार को एक खबर है। ये चर्चा में है। ये खबर देश की राजनीतिक
पत्रकारिता के एक अनूठे प्रयोग पर है। ये खबर आपके अपने politicswala से जुडी है।
आप भी पढ़िए politicswala के दैनिक अखबार के बारे में भड़ास पर क्या प्रकाशित हुआ

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक नया हिंदी दैनिक शुरू हुआ है। ये अपने आप में एक अलग विचार है। इसके बारे में ये दावा है कि ये देश का पहला राजनीति पर केंद्रित दैनिक है। ये अखबार पूरी तरह से सिर्फ राजनीतिक खबरों और विश्लेषण पर केंद्रित रहेगा। इस अखबार का नाम है पॉलिटिक्सवाला पोस्ट।
इसकी टैगलाइन है आओ, राजनीति करें। इसके संपादक कई बड़े अखबारों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके पंकज मुकाती हैं। वे अपने अनूठे प्रयोग और शीर्षकों के चलते अलग पहचान रखते है। पॉलिटिक्सवाला न्यूज पोर्टल और यू ट्यूब चैनल पहले से ही सबसे विश्वसनीय मीडिया के तौर पर एक अलग पहचान बना रहा है।


politicswala पोस्ट आठ पेज का दैनिक अखबार रहेगा। इसमें देश, दुनिया, मध्यप्रदेश की राजनीति के पन्ने रहेंगे। इसके अलावा दो पन्नो में राजनीतिक विश्लेषण होंगे। चुनाव वाले राज्यों पर विशेष रिपोर्ट रहेगी। ये अखबार सिर्फ चुनावी या सत्ता की राजनीति पर नहीं रहेगा।
सम्पादक पंकज मुकाती का कहना है कि हमारा उद्देश्य सिर्फ सत्ता की राजनीति को छापना नहीं है। हम राजनीति को व्यापक स्तर पर देखते हैं। इस अखबार के जरिये हम खेल, व्यापार, कला के क्षेत्र की राजनीति को भी सामने लाने की कोशिश रहेगी। उद्योगपतिर्यो के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिबद्धता/प्रतिस्पर्धा को भी आने वाले दिनों में इसमें शामिल करने का विचार है।
मीडिया में राजनीति केंद्रित साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक, अख़बार, पत्रिकाएं निकलते रहे हैं। राजनीति पर दैनिक अखबार का ये पहला प्रयोग है। अभी तक विषय केंद्रित अख़बारों को देखें तो देश में सिर्फ व्यापार पर केंद्रित बिज़नेस अखबार निकलते हैं। वो भी अंग्रेजी में। हिंदी में नईदुनिया का भावताव, अमर उजाला का कारोबार आया। पर ये ज्यादा दिन तक बने नहीं रहे।


इस विचार पर पिछले चार साल से हम काम कर रहे हैं। सबसे पहले पॉलिटिक्सवाला पोस्ट नाम से मासिक अख़बार की शुरुआत हुई। फिर इसका न्यूज़ पोर्टल आया। politicswala यू ट्यूब पर भी एक करोड़ दर्शकों के साथ धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है।
इसके फाउंडर एडिटर पंकज मुकाती का मानना है कि देश और दुनिया में जो भी नीतियां तैयार होती है सबके पीछे राजनीतिक सोच होती है। सत्ता होती है। नीतियां ही तय करती है किसी भी राष्ट्र के भविष्य का विकास और विनाश। ऐसे में नीतियों की और उनको तैयार करने वाले राजनेताओं और अफसरों पर नजर रखना और उनके काम का ऑडिट करना जरुरी है।
यदि हम सही ऑडिट कर पाए तो राजनीति और उसकी नीतियां दोनों ठीक रहेगी जाहिर है राजनीति ठीक होगी तो लोकतंत्र भी मजबूत होगा। हालांकि ये अभी बहुत शुरुआत है ये सब करने में लम्बा वक्त लगेगा। फिलहाल तो गति धीमी रहेगी क्योंकि हम इसे बेहद नाममात्र के संसाधनों के साथ चला रहे हैं।
ये एक अलग विचार है पाठकों के सहयोग से ही आगे बढ़ सकेगा।
मालूम हो कि पंकज मुकाती दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, अमर उजाला, प्रभात खबर समूह और इंदौर से प्रकाशित प्रजातंत्र में काम कर चुके हैं।
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