छवि बनाने के क्रूर अभियान के बीच अनुपम खेर का ‘सारांश’ !
लोगों की जानें बचे या न बचे, प्रचार युद्ध प्रारम्भ हो गया है कि महामारी
लोगों की जानें बचे या न बचे, प्रचार युद्ध प्रारम्भ हो गया है कि महामारी
क्यों अपने नये महल,नये संसद भवन,सचिवालय पर इस भयानक संकट के समय जब लोग
सुनील कुमार (संपादक, डेली छत्तीसगढ़ ) कोरोना के मोर्चे पर हिंदुस्तान में अब एक
अखबार पाठकों को विचलित करते ही क्यों हैं? इस सवाल परअख़बार का जवाब.. सुनील कुमार
जब अश्वमेघ यज्ञ की घोषणा हो और उसमे सिर्फ धुंआ और थोड़ी चिंगारी निकलेगी
इंदौर सांसद शंकर लालवानी की सोच बेहद कमतर है, वे इसे कई मौके
पश्चिम बंगाल में दरअसल ममता की जीत नहीं हुई, प्रधानमंत्री मोदी की हार हुई
अरविंद तिवारी (वरिष्ठ पत्रकार ) इतनी बेबाक बात महेश जोशी जैसा नेता ही कर सकता