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Supreme Court judges will have to make their assets public-दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जजों की संपत्ति को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब सभी जजों को अपनी संपत्ति सार्वजानिक करनी होगी। जजों की संपत्ति की सर्वजनिक घोषणा कैसे, कब और किस तरह होगी, इसे लेकर चर्चा चल रही है। अभी भी संपत्ति का ब्योरा मुख्य न्यायाधीश को दिया जाता है, लेकिन उसको सार्वजनिक नहीं किया जाता है। अब यह जानकारी वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगी। ये फैसला इसलिए लिया जा रहा है ताकि लोगों का विश्वास न्यायपालिका में बना रहे।
सुप्रीम कोर्ट के सभी 33 जज अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करेंगे । न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ी चर्चाओं के बीच लोगों के विश्वास को बरकरार रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों के मुताबिक 1 अप्रैल को चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता में हुई सभी जजों की बैठक में यह फैसला हुआ है।
संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा कब तक और किस तरह से की जाएगी, यह तय किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के एक उच्च अधिकारी ने बताया है कि जल्द ही जानकारी लोगों के सामने होगी। जजो की तरफ से संपत्ति की घोषणा का प्रावधान अभी भी है, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं रखा गया है। बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल की बैठक में तय प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के भावी जजों पर भी लागू होगा।
इससे पहले 26 अगस्त 2009 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जजों ने अपनी संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक की थी। अभी भी जजों की तरफ से चीफ जस्टिस को इस बारे में जानकारी दी जाती है, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया जाता है।
1 अप्रैल को हुई फुल कोर्ट मीटिंग में सभी 34 जजों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना की मौजूदगी में अपनी संपत्ति का खुलासा करने का फैसला लिया है। जजों ने यह भी कहा कि संपत्तियों से जुड़ी डीटेल सुप्रीम कोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। हालांकि, वेबसाइट पर संपत्ति की घोषणा स्वैच्छिक होगी। सुप्रीम कोर्ट में जजों की निर्धारित संख्या 34 है। फिलहाल यहां 33 जज हैं। एक पद खाली है। इनमें से 30 जजों ने अपनी संपत्ति का घोषणा पत्र कोर्ट में दे दिया है। हालांकि, इन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है।
यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर से कैश मिलने के विवाद के बाद लिया गया है। जस्टिस वर्मा के सरकारी बंगले में 14 मार्च को आग लगी थी। फायर सर्विस टीम को वहां अधजले नोट मिले थे।
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