#politicswala report
Congress protest-उज्जैन। आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की जमानत का विरोध और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने उज्जैन में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एडिशनल एसपी ने सरपंच जीवन मालवीय की पिटाई कर दी। घायल सरपंच जीवन मालवीय ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथ में तख्ती भी थी जिसमें लिखा था -‘करोड़ों की काली कमाई का असली मालिक कौन। पूछता है मध्यप्रदेश। ‘ इस तरह का प्रदर्शन कांग्रेस ने भोपाल में भी किया।
सौरभ शर्मा मामले में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इतने बड़े भ्रष्टाचारी को जमानत मिलना, इसमें सरकार की मिलीभगत दिखाई देती है।
प्रदेश कांग्रेस के आव्हान पर विरोध

सौरभ शर्मा और उसके साथियों की लोकायुक्त द्वारा चार्ज शीट पेश नहीं किए जाने से सभी को मिली जमानत के बाद प्रदेश कांग्रेस की ओर से किए गए आव्हान में बुधवार दोपहर को उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा और सीएम का पुतला जलाया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसी आपस में भीड़ गए।
दरअसल, परिवहन कांड को लेकर प्रदेश कांग्रेस की ओर से पुतला जलाने का निर्णय लिया गया था। इस दौरान पुलिस ने बेरिकेडिंग कर सभी ओर से रास्ते बंद कर दिए थे। एक फायर फाइटर सहित फायर ईस्टंगिशर और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
कांग्रेस कार्यालय में एकत्रित हुए विधायक महेश परमार, मुकेश भाटी, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान, ललित मीणा सहित कांग्रेस के अन्य नेता की मौजदूगी में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस बीच उन्हेल के पास बड़लाई के सरपंच जीवन मालवीय पुतला लेकर पहुंचे और उन्होंने उसमें आग लगा दी। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की लेकिन जब तक आग लग चुकी थी। हालांकि पुलिस ने उसे पूरा जलने नहीं दिया। इस बीच पुतला छीन रहे एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने सरपंच को जमकर पीट दिया। सरपंच को पिटता देख कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसे पुलिस से बचाया।
सरकार ने दिया भ्रष्टाचारी को संरक्षण
प्रदेश में जिस तरह से परिवहन घोटाला हुआ है, उसमें लोकायुक्त और शासन ने सरकार का पक्ष तक नहीं रखा। इसमें तत्कालीन मंत्री से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री तक सभी शामिल हैं। सौरभ शर्मा को जमानत क्यों मिल गई, जबकि एक तरफ किलो में सोना और करोड़ों रुपए बरामद हुए। लोकायुक्त और भाजपा सरकार सौरभ शर्मा को संरक्षण दे रही है। विपक्ष पूरे प्रदेश में इस मिलीभगत के खिलाफ प्रदर्शन कर इसे उजागर कर रहा है।
कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान सामग्री नीचे फेंकी गई। ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग किया गया। सभी के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
नीतेश भार्गव, एडिशनल एसपी
You may also like
-
Bhiwadi Fire Explosion: लापरवाही की आग में झुलसी ज़िंदगियां
-
भारत का ‘AI Impact Summit 2026’: लोकतंत्रीकरण का दावा या तकनीकी शक्ति का प्रदर्शन?
-
गुवाहाटी से कांग्रेस पर पीएम मोदी का हमला, बोले संगठन की ताकत से आगे बढ़ती है बीजेपी
-
बांग्लादेश में सत्ता की वापसी: BNP को प्रचंड जनादेश, पीएम मोदी ने दी बधाई
-
एपस्टीन की आर्ट की पसंद भी यौन गंदगी वाली!
