सत्ता की भूख .. संस्कारों का श्राद्ध कर शिवराज कर रहे करोड़ों के भूमिपूजन


 

हिन्दू परंपरा में श्राद्ध पक्ष और किसी के निधन पर शोक के दौरान शुभ काम वर्जित है, पर उपचुनाव को लेकर  भाजपा इतनी अधीर है कि पूर्व राष्टपति प्रणव मुखर्जी के निधन पर चल रहे राष्ट्रीय शोक और पितृ पक्ष में भी करोड़ों के भूमि पूजन कलश यात्रा से वे बाज़ नहीं आ रहे

दर्शक

इंदौर। मध्यप्रदेश में भाजपा सारे नियम कायदे भुलाकर सिर्फ और सिर्फ सत्ता बचानी में लगी है। मध्यप्रदेश के अनूपपुर में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पितृ पक्ष में ही करोड़ों के भूमि पूजन का शुभारम्भ कर दिया। इसके अलावा प्रदेश भाजपा ने देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भी अपमानित किया। इस वक्त प्रदेश में प्रणव मुखर्जी के निधन का सात दिन का राष्ट्रिय शोक है।

बावजूद इसके पितृ पक्ष और राष्ट्रीय शोक में मुख्यमंत्री समारोह और भूमिपूजन में व्यस्त है। संस्कार, भारतीयता की दुहाई देने वाली भाजपा ने सत्ता के लिए सभी संस्कारों का भी श्राद्ध कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के दौरान भंडारे, सभाएं और सांवेर विधानसभा की कलश यात्राओं से भी भाजपा ने साबित कर दिया कि वो सत्ता के लिए सभी लोकतान्त्रिक संस्कारों का श्राद्ध कर चुकी है।

 

https://youtu.be/pnOY_sFdGxs

अनूपपुर में विधानसभा उपचुनाव होना है। सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यहां करोड़ों के भूमिपूजन करने आये। कांग्रेस से भाजपा में आये मंत्री बिसाहूलाल साहू यहां से भाजपा प्रत्याशी है। पिछले चुनाव में साहू से हारे पूर्व भाजपा विधायक रामलाल रौतेल ने बगावत कर दी।

वे कई बार बुलाने के बावजूद मंच पर नहीं आये। उन्होने पार्टी में कांग्रेस से आये नेताओं को तवज्जों और उनकी उपेक्षा का भी आरोप लगाया। जब इस बार में मीडिया ने शिवराज सिंह चौहान से पुछा तो वे भागते हुए अपनी गाडी में बैठ गए। आखिर अपनी पार्टी की बगावत को कैसे संभालेंगे शिवराज। पितृ पक्ष में भूमिपूजन पर पूछे सवाल भी शिवराज सिंह की बोलती बंद हो गई।


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