छत्तीसगढ़ के में लोग नमक खरीदने बाज़ारों मेआ गए, सरकार को नमक का पर्याप्त स्टॉक है ये बताने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करना पड़ा
रायपुर। कोरोना के इस दौर में दर्द की कई कहानियों के बीच अफवाहें भी खूब फ़ैल रही है। छत्तीसगढ़ में दो दिन से बाज़ार में नमक ख़त्म होने की अफवाह उडी। लोगों ने एक दूसरे को कहना शुरू किया। अब दो महीने तक नमक नहीं मिलेगा। बाज़ार में नमक नहीं मिलेगा।
इसका असर ऐसा रहा कि देखते ही देखते पूरे राज्य में ये अफवाह फ़ैल गई। लोग नमक खरीदने बाज़ारों में उतर गए। मामला बढ़ता देख प्रशासन भी हरकत में आया। सरकार की तरफ से अफसरों ने ऐलान किया कि बाज़ार में भी नमक पर्याप्त है, और राशन दुकानों पर भी इसकी कोई कमी नहीं है।
पूरे छत्तीसगढ़ में सोमवार रात तक लोग नमक खरीदते दुकानों पर दिखे। कुछ लोगों ने मौके का फायदा उठाते हुए, कीमतें भी बढ़ा दी। हालांकि प्रसाशनिक अधिकारीयों का कहना है कि कहीं भी नमक ज्यादा कीमत पर बिकता नहीं मिला। रायपुर कलेक्टर के आदेश पर नमक डीलर्स के संस्थानों की जांच की गई।
जिले के खाद्य और नापतौल विभाग के अफसरों की टीम बाजार में निकली। व्यापारियों के पास ज्यादा कीमत पर नमक बेचने या ज्यादा स्टॉक किए जाने जैसी कोई बात सामने नहीं आई। कुछ जिलों में 50 से सौ रूपए किलो तक नमक बेचे जाने की भी खबर है। कई इलाकों में नमक की कालाबाज़ारी की शिकायत और जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया।
सरकार को आना पड़ा सफाई देने
नमक के हंगामे पर सरकार ने कहा कि राज्य के लगभग 56 लाख राशनकार्ड धारियों को शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से नमक मुफ्त दिया जा रहा है। प्राइस मॉनिटरिंग सेल बाजार में मिलने वाले नमक के स्टॉक और कीमत की जांच कर रही है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में खुले बाजार में लगभग 8 हजार टन से 10 हजार टन के की तादाद में हर महीने नमक आता है। अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
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