मंदसौर. जिस मंदसौर से मध्यप्रदेश में पिछले साल किसानों का आंदोलन शुरू हुआ था। वहां अब भी किसानों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 8 रुपए लागत का प्याज 3.72 में बिका तो किसान को दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। घटना मंदसौर कृषि उपज मंडी की है। किसान प्याज बेचने आया था। प्याज के दाम जैसी उम्मीद थी वैसे नहीं मिले तो किसान को हार्ट अटैक हुआ और उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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खेत से मंडी तक लाने का खर्चा भी नहीं निकलता
प्याज के भाव 50 रुपए प्रति क्विंटल से 800 रुपए प्रति क्विंटल तक चल रहा है। हालांकि औसत कीमत 300 रुपए प्रति क्विंटल से 400 रुपए प्रति क्विंटल है। किसानों का कहना है कि इसमें लागत तो दूर, तैयार प्याज को खेत से मंडी तक लाने का खर्चा भी नहीं निकलता है।किसानों का कहना है कि मौजूदा हालात ऐसे है कि उनको पैदावार लागत भी नहीं मिल पा रहा है। किसान ने बताया कि एक किलो प्याज उगाने में 8 रुपए खर्च आ रहा जबकि बाजार से केवल 1 रुपए ही मिल रहे हैं। दूसरी ओर बिचौलियों की वजह से प्याज की सस्ती कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं को भी नहीं मिल रहा है। देश में प्याज उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। लेकिन यहां इस साल प्याज की कीमतों में 83 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।
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