चलती ट्रेन में बना डाला ‘हनीमून सुइट’: नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट AC का वीडियो वायरल, TTE नपे
सोशल मीडिया पर आए दिन रील्स और वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन इस बार जो वीडियो सामने आया है उसने भारतीय रेलवे के अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं।
मुंबई CSMT से बल्हारशाह जाने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच का एक केबिन रातों-रात ‘हनीमून सुइट’ में तब्दील हो गया। इस केबिन में लाल गुलाब की पंखुड़ियां, रंग-बिरंगे गुब्बारे से सजा विस्तर और दीवार पर लिखा ‘आई लव यू’… यह कोई लग्जरी होटल का कमरा नहीं, बल्कि पटरी पर दौड़ती ट्रेन का नजारा था।
जैसे ही इस शाही इंतजाम का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में ड्यूटी पर तैनात TTE को सस्पेंड कर दिया गया है।
कैसे खुली पोल और कहां का है मामला?
मामले ने जब तूल पकड़ा तो रेलवे ने इसकी अंदरूनी जांच शुरू की। दक्षिण मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ए. श्रीधर ने बताया कि यह वाकया 6 जुलाई का है और इसे महाराष्ट्र के जालना रेलवे स्टेशन पर अंजाम दिया गया था।
दरअसल, जालना के ही रहने वाले एक नवविवाहित जोड़े के लिए इस केबिन को बुक किया गया था। यह कपल छत्रपति संभाजीनगर से कार द्वारा जालना स्टेशन पहुंचा था, जहां उनके स्वागत के लिए ट्रेन का डिब्बा पहले से ही दुल्हन की तरह सजा हुआ तैयार था।
इवेंट कंपनी की एंट्री और TTE पर गिरी गाज
जांच में सामने आया है कि इस पूरे केबिन को चमकाने के लिए जालना की ही एक ‘इवेंट स्टाइलिंग सर्विस’ की मदद ली गई थी। कंपनी के लोगों ने ट्रेन के रुकते ही अंदर जाकर हजारों गुलाब की पंखुड़ियों और गुब्बारों से पूरे केबिन का कायाकल्प कर दिया।
रेलवे का रुख: नियमों के मुताबिक चलती ट्रेन या रेलवे प्रॉपर्टी के अंदर बिना पूर्व अनुमति के किसी भी तरह की डेकोरेशन या कमर्शियल एक्टिविटी की इजाजत नहीं है।
ड्यूटी पर तैनात TTE को उस डेकोरेशन कंपनी के लोगों को ट्रेन के भीतर घुसने ही नहीं देना चाहिए था। लापरवाही बरतने के आरोप में जालना में तैनात संबंधित TTE को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
इवेंट कंपनी का अजीबोगरीब दावा
दूसरी तरफ, जब इस मामले पर विवाद बढ़ा तो डेकोरेशन करने वाली इवेंट कंपनी ने भी अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की। कंपनी का कहना है कि उन्हें इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि ट्रेन के केबिन को सजाने के लिए रेलवे से किसी आधिकारिक लिखित अनुमति की जरूरत होती है। उन्होंने तो बस अपने क्लाइंट की डिमांड पर ट्रेन के रुकते ही कुछ मिनटों में यह काम पूरा कर दिया था।
फिलहाल, इस वायरल द्रश्य ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इस ‘रोमांटिक जेस्चर’ की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं ज्यादातर लोग इसे सह-यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे नियमों का मखौल उड़ाना बता रहे हैं।
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