इंदौर एयरपोर्ट पर सर्वधर्म स्वागत से UCC पर सरकार ने दिया बड़ा संदेश, मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद इंदौर एयरपोर्ट पर गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर नई चर्चा छेड़ दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्वागत के लिए हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समाज के प्रतिनिधि एक साथ एयरपोर्ट पहुंचे। अलग-अलग समुदायों की इस संयुक्त मौजूदगी को सरकार यूसीसी के प्रति समाज के व्यापक समर्थन के संकेत के रूप में देख रही है।
देशभर में यूसीसी को लेकर जहां राजनीतिक बहस जारी है, वहीं इंदौर में सामने आई इस तस्वीर को सरकार अपने पक्ष को मजबूत करने वाले संदेश के तौर पर पेश कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता केवल एक कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माताओं और कई स्वतंत्रता सेनानियों की भी यही सोच थी कि देश के सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना था कि इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया है।
सरकार का दावा है कि कानून को अंतिम रूप देने से पहले प्रदेशभर में व्यापक जनसंवाद किया गया। विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए गए और लाखों लोगों की राय के आधार पर इस कानून का प्रारूप तैयार किया गया। सरकार का कहना है कि यही वजह है कि इसे केवल सरकारी फैसला नहीं, बल्कि जनभागीदारी से तैयार कानून के रूप में देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार लगातार यूसीसी को केवल राजनीतिक मुद्दे के बजाय सामाजिक सुधार और समानता के एजेंडे के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है। इंदौर एयरपोर्ट पर विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया स्वागत भी इसी संदेश को मजबूत करने वाली तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, आधुनिक बुनियादी ढांचे, डबल डेकर ब्रिज और मेट्रो जैसी परियोजनाओं ने इंदौर को नई पहचान दी है और प्रदेश तेज़ी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
You may also like
-
स्वरा भास्कर के ‘जौहर’ पर बयान की सच्चाई!
-
राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO? पूर्व IPS राजेश पांडेय के नाम पर लग सकती है मुहर
-
सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शन से जुड़ी FIR की रद्द, 5 सितंबर का मार्च भी वापस
-
सोशल मीडिया पर अश्लील विज्ञापनों का जाल, इन 7 ऐप्स से रहें सावधान
-
2 करोड़ की फिल्म, 47 करोड़ कमाई! ‘हनुमान अंश’ की कहानी…
