अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज होगी। पूर्व IPS राजेश पांडेय को CEO बनाने पर अंतिम फैसला संभव है। शरद शर्मा को प्रवक्ता की जिम्मेदारी मिलने की भी चर्चा है।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक कई अहम फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सबसे बड़ी चर्चा राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है और बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। बताया जा रहा है कि राजेश पांडेय मंगलवार शाम अयोध्या पहुंच भी चुके हैं।
प्रयागराज के रहने वाले राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश पुलिस में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह स्पेशल टास्क फोर्स और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो पीसकीपिंग मिशन में काम करने का अनुभव भी उनके खाते में है। पुलिस सेवा के दौरान उनके नाम कई चर्चित अभियानों और एनकाउंटर से जुड़े रहे हैं।
बैठक में ट्रस्ट के प्रवक्ता के नाम पर भी फैसला होने की संभावना है। विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी रह चुके शरद शर्मा को यह जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। इसके साथ ही ट्रस्ट में खाली पड़े पदों को भरने पर भी विचार हो सकता है। अयोध्या राजपरिवार से जुड़े यतींद्र मिश्रा का नाम ट्रस्ट में शामिल किए जाने के लिए प्रमुखता से सामने आया है।
राम मंदिर में व्यवस्थाओं को लेकर भी बैठक में कई प्रस्ताव रखे जाएंगे। इनमें प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन का फैसला शामिल है। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण और धार्मिक अवसरों पर विशेष प्रसाद की व्यवस्था के लिए अलग समिति बनाई जा सकती है। वहीं मंदिर की परिक्रमा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी परिक्रमा समिति को दी जा सकती है।
गर्भगृह में रामलला की सेवा के लिए दो एयर कंडीशनर लगाने का प्रस्ताव भी बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। इसके लिए मंदिर की दीवारों में आवश्यक बदलाव करने होंगे, इसलिए धार्मिक समिति ने ट्रस्ट के सामने प्रस्ताव रखा है।
यह बैठक मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी चोरी के आरोपों के बाद हो रही है। इससे पहले ट्रस्ट की बैठकों में कई बड़े फैसले लिए जा चुके हैं। चढ़ावा प्रकरण की जांच को लेकर एसआईटी की रिपोर्ट, आरोपियों की गिरफ्तारी और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद अब प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित करने की कवायद तेज दिखाई दे रही है।
राम मंदिर CEO के चयन के लिए हजारों आवेदन आए थे, जिनमें से 16 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चुना गया था। 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में इंटरव्यू के बाद तीन नाम ट्रस्ट को भेजे गए। अब माना जा रहा है कि राजेश पांडेय के नाम पर अंतिम निर्णय इसी बैठक में हो सकता है।
सोशल मीडिया पर अश्लील विज्ञापनों का जाल, इन 7 ऐप्स से रहें सावधान
You may also like
-
भारत में ऐसे तैयार होंगे बुलेट ट्रेन के ड्राइवर, सामान्य लोको पायलट से कितनी अलग होगी सैलरी? जानें पूरी डिटेल
-
भारत को मिलेगा वीटो पावर? रूस-चीन के बाद UN चीफ ने भी किया बड़ा ऐलान
-
हॉर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा गेमचेंजर कदम, गैस से 80% बढ़ा बिजली उत्पादन
-
बंगाल में 5 साल बाद कब्र से निकाला गया BJP कार्यकर्ता का शव, ममता बनर्जी की जीत के बाद क्या हुआ था?
-
UCC पर अमित शाह के ऐलान से NDA में हलचल, गृह मंत्री से मिलेंगे संजय झा; JDU रखेगी अपना पक्ष
