बिहार में फैली हिंसा और नीतीश कुमार पर उठते सवालों के बीच केंद्रीय मंत्री के बेटे ने सरेंडर कर दिया. . रामनवमी जुलुस में बिहार के भागलपुर में हुए दंगों के आरोपी अर्जित शाश्वत ने शनिवार देर रात करीब 12 बजे पटना के महावीर मंदिर के सामने सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने अर्जित की गिरफ़्तारी के लिए 24 मार्च को वारंट जारी किया था। अपने समर्थकों की मौजूदगी में सरेंडर के दौरान अर्जित ने मीडिया के सामने नारेबाजी की और इससे पहले सरेंडर न करने की वजह भी बताई। बता दें कि शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे भागलपुर के कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। उसके खिलाफ नाथनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। अर्जित ने भागलपुर हिंसा के लिए वहां के विधायक को दोषी ठहराया। अर्जित केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का बेटा है। अश्विनी चौबे शुरू से बेटे बचाव में थे, वहीँ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न करने के आरोप लग रहे थे.
कांग्रेसी विधायक को बताया दंगों का जिम्मेदार
अर्जित ने बवाल के लिए भागलपुर के कोंग्रेसी विधायक को जिम्मेदार बताया. उन्होंने हुए कहा कि ” मैं एक ही बात जानता हूं कि भागलपुर में 10 दिनों से जो गतिविधि हो रही है, उसके लिए विधायक शर्माजी जिम्मेदार हैं। विधायक के फोन का रिकॉर्ड निकाल लीजिए तो पता चल जाएगा कि कौन दंगाई है। शोभायात्रा निकालने के बाद नाथनगर थाना का रवैया आपत्तिजनक रहा। हमारे जैसे राष्ट्रभक्तों की भावना ‘भारत माता की जय, वंदे मातरम और जय श्रीराम’ कहने की थी।” गिरफ्तारी के बाद अर्जित को गांधी मैदान थाना ले जाया गया।
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