CJP, Saurav Das

CJP, Saurav Das

ज्ञानेश कुमार पर CJP का रुख सख्त, 2 अक्टूबर से करेंगे आंदोलन

Share Politics Wala News

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने 2 अक्टूबर से आंदोलन की घोषणा की है। सौरभ दास ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना रुख और स्पष्ट कर दिया है। संगठन की ओर से कहा गया है कि ज्ञानेश कुमार को लेकर अदालतों में चल रही कानूनी प्रक्रिया और उसका राजनीतिक आंदोलन अलग-अलग हैं।

CJP के सह संयोजक सौरभ दास ने कहा है कि अदालतों में याचिकाएं दाखिल होने के बावजूद संगठन अपनी ओर से इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।

CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा पहले ही कर दी थी। संगठन के मुताबिक आंदोलन की शुरुआत मुंबई से करने की योजना है और इसके बाद इसे दूसरे शहरों तक ले जाने की तैयारी है। अभिजीत दीपके ने भी ऐलान किया था कि यदि तय समय में इस्तीफा नहीं दिया जाता है तो 2 अक्टूबर से प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।

सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर अदालतों में दायर की जा रही याचिकाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मामले पहुंच रहे हैं, लेकिन संगठन अपनी मांग को केवल न्यायिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखना चाहता। उनके मुताबिक अदालतें इस मामले में जो भी आदेश दें, CJP अपनी ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अभियान जारी रखेगा।

CJP का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब चुनाव आयोग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी राजनीतिक विवाद चल रहा है। कुछ रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों के बीच कुछ फैसलों को लेकर मतभेद की बात सामने आई है, जबकि चुनाव आयोग ने संस्थागत मतभेद या प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है।

संगठन ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन की बात कही है। वहीं, मुंबई में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस अनुमति का मामला भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, जिस पर CJP की ओर से आगे आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

इस पूरे विवाद में CJP की मांग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर केंद्रित है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों और SIR को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं। ऐसे में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन पर अब नजर रहेगी कि संगठन आगे अपनी रणनीति किस तरह लागू करता है।

यह भी पढ़ें:- 

बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट का नोटिस, महिला पहलवानों ने दी बरी होने को चुनौती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *