मुंबई में बीजेपी के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस ने बंगला खाली कर दिया है, पर दीवारों
पर बीजेपी-शिवसेना की तनातनी दिख रही है, उनपर लिखा है, बीजेपी शानदार, ठाकरे नीच
मुंबई। पिछले कुछ सालों में मुख्यमंत्रियों के बंगलों के खाली होने की खूब चर्चा रही है। याद कीजिये उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव ने चुनाव में हार के बाद जब बंगला खाली किया तो तस्वीरें आई कि -अखिलेश पंखे, टाइल्स, बाथरूम की फिटिंग खोलकर ले गए। ऐसे ही बिहार में जीतनराम मांझी ने मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कई महीने तक बंगला खाली ही नहीं किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अलग बंगले में रहना पड़ा।
ताज़ा मामला महाराष्ट्र का है। शिवसेना और बीजेपी के बीच बड़ी तनातनी के बाद सेना ने अलग होकर सत्ता हासिल की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के सरकारी निवास ‘वर्षा’ को देवेंद्र फडणवीस ने खाली कर दिया। पर बंगले की दीवारों पर भाजपा के समर्थन में बातें लिखी हुई दिखी। मुंबई के मालाबार हिल्स स्थित इस बंगले को हाल ही में देवेंद्र फडणवीस ने खाली किया है। दीवारों पर लिखा है बीजेपी महान है और उद्धव ठाकरे नीच।
स्थानीय न्यूज़ चैनलों के अनुसार मुख्यमंत्री निवास की भीतरी दीवारों पर ‘यूटी इज मीन’, ‘भाजपा रॉक्स’ यानी ‘उद्धव ठाकरे नीच हैंम ‘भाजपा शानदार है’ जैसी कुछ टिप्पणियां लिखीं हैं। ऐसी बातें लिखी होने पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि दीवार की फिर पुताई करवाएंगे। जिन लोगों ने ये बातें लिखी हैं, उन्होंने अपने ही चेहरे पर कालिख पुतवा ली है। जबकि पिछले महीने मुख्यमंत्री निवास खाली करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दीवारों में लिखी गयी इन बातों को ‘निचले स्तर की राजनीति’ करार दिया है।
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि ‘वर्षा’ किसी की निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी बंगला है. जब उनसे पूछा गया कि क्या जांच का आदेश दिया जाएगा तो उन्होंने कहा कि यह तो मुख्यमंत्री को तय करना है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पिछले महीने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर राकांपा और कांग्रेस के सहयोग से मुख्यमंत्री बने हैं. इसको लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच काफी दिनों से बयानबाजी चल रही है.
You may also like
-
चलती ट्रेन में बना डाला ‘हनीमून सुइट’
-
पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच नरम पड़े चन्नी!
-
एमपी में बड़ा ‘गेहूं घोटाला’: 13 जिलों से 7,168 टन सरकारी गेहूं गायब
-
क्या बीजेपी में नरोत्तम मिश्रा का टिकट संकट में? दो नए नामों की चर्चा तेज
-
असहमति की शब्दावली ..कार्यकर्ता “अर्बन नक्सल” है, प्रदर्शनकारी “आंदोलनजीवी” है, पत्रकार “प्रेस्टीट्यूट” है और जनाज़े में शामिल लड़का “पत्थरबाज़”
