Terrorist Attack in Kulgam: नाम पूछकर दो मजदूरों की हत्या, घाटी में दहशत
कश्मीर एक बार फिर खून से लाल हो गया। जिस घाटी में शांति और अमन लौटने की बातें हो रही थीं, वहीं आतंकियों ने एक बार फिर इंसानियत को निशाना बनाया है।
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलाम इलाके में शुक्रवार रात आतंकियों ने एक ईंट-भट्ठे पर हमला कर दो प्रवासी मजदूरों की हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक पर सवार दो आतंकी ईंट-भट्ठे पर पहुंचे और वहां काम कर रहे मजदूरों से पूछताछ शुरू कर दी। आरोप है कि आतंकियों ने दो हिंदू मजदूरों की पहचान करने के बाद उन्हें अलग किया और उन पर गोलियां चला दीं।
#WATCH | Tangmarg, J&K: On 2 non-local workers killed in terrorist attack in Kellam area of Kulgam, National Conference President Farooq Abdullah says, “It is not even known who carried out the attack or who the perpetrators are. There must be an investigation to identify the… pic.twitter.com/Roo86pTNzd
— ANI (@ANI) August 1, 2026
छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे दोनों मजदूर
हमले में 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र ने शनिवार सुबह श्रीनगर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी थे और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए कश्मीर में मजदूरी कर रहे थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में 10 से 12 राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
सुरक्षाबलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
हमले के तुरंत बाद सेना, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया और बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। करीब दो किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया गया है। जांच एजेंसियां ईंट-भट्ठे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
TRF और लश्कर-ए-तैयबा पर शक
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में शक की सुई द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) की ओर जा रही है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन माना जाता है। जांच एजेंसियों को एक स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी के शामिल होने की आशंका है। इसके अलावा मोहम्मद लतीफ नाम के एक संदिग्ध पर भी एजेंसियों का फोकस बना हुआ है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किया मुआवजे का ऐलान
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों को पहले से निर्धारित छह लाख रुपये के मुआवजे के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से दस लाख रुपये अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
हर साल बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से लाखों मजदूर रोजगार की तलाश में जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। लेकिन कुलगाम की इस घटना ने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हमला सिर्फ दो मजदूरों की हत्या नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों के भरोसे पर हमला है, जो अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर रोजगार की तलाश में जाते हैं।
इस घटना से प्रश्न यह उठता है कि क्या घाटी में प्रवासी मजदूर सुरक्षित हैं और क्या सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के इस मंसूबे का जल्द जवाब दे पाएंगी?
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