अमित शाह ने अजीत डोभाल को बताया सच्चा देशभक्त, लोकमान्य तिलक पुरस्कार से किया सम्मानित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस दौरान उन्होंने अजीत डोभाल को “सच्चा देशभक्त” बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल से मिली एक अहम जानकारी के आधार पर गुजरात पुलिस ने देशभर में हुए इंडियन मुजाहिदीन के 13 सिलसिलेवार बम धमाकों की गुत्थी सुलझाई थी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में डोभाल का अनुभव और रणनीति देश के लिए हमेशा उपयोगी साबित हुई है।
गृह मंत्री ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में अजीत डोभाल के योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जिन मुद्दों पर वर्षों तक केवल चर्चा होती रही,
उन्हें वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने और अजीत डोभाल के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने के बाद जमीन पर उतारने का काम शुरू हुआ।
अजीत डोभाल जी को मिला लोकमान्य तिलक पुरस्कार इस देश के लिए जीने वाले लोगों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बनेगा। pic.twitter.com/2U2Fqf5raa
— Amit Shah (@AmitShah) August 1, 2026
कार्यक्रम के दौरान अजीत डोभाल ने युवाओं को आजादी का सही अर्थ समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आजादी का मतलब केवल अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करने की स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि इसके साथ जिम्मेदारियां भी जुड़ी हुई हैं।
युवाओं को यह समझना होगा कि देश की आजादी के पीछे लंबा संघर्ष और अनगिनत बलिदान छिपे हुए हैं।
एनएसए ने कहा कि युवाओं को अपने निजी हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर देश का युवा पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेगा, तो भारत आने वाले समय में इतिहास का नया अध्याय लिखेगा।
अजीत डोभाल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश सौभाग्यशाली है कि उसे ऐसा नेतृत्व मिला है, जो भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार काम कर रहा है।
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