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दिल्ली। भाजपा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास का वीडियो जारी कर उन पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा ने कहा कि केजरीवाल ने 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित सरकारी बंगला अब तक खाली नहीं किया है, जबकि उनका दावा था कि वह सरकारी आवास नहीं लेंगे। भाजपा का आरोप है कि खुद को ‘आम आदमी’ कहने वाले केजरीवाल ने अपने सरकारी आवास को एक आलीशान महल में तब्दील कर दिया।
भाजपा के आरोप के अनुसार, इस बंगले की सजावट और निर्माण में जनता के पैसे का भारी खर्च किया गया है। भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल ने अपने सरकारी बंगले में 1.9 करोड़ रुपये का खर्च मार्बल ग्रेनाइट और लाइटिंग पर किया। इसके अलावा, 1.5 करोड़ रुपये से बंगले की मरम्मत करवाई गई और 35 लाख रुपये की लागत से जिम और स्पा जैसी सुविधाएं बनाई गईं।” उन्होंने सवाल उठाया कि केजरीवाल को यह खर्च करने का अधिकार किसने दिया, जबकि कोविड महामारी के दौरान जनता के विकास कार्य ठप थे।
इस पर आम आदमी पार्टी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 1942 में बने इस सरकारी आवास की हालत काफी खस्ता थी। छतें टपक रही थीं और कुछ हिस्से गिरने लगे थे। पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट के ऑडिट के बाद ही इस बंगले की मरम्मत कराई गई थी, ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा, केंद्रीय आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि केजरीवाल एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता हैं और उन्हें जल्द ही सरकारी बंगला मिलेगा। खट्टर ने बताया कि केजरीवाल को ‘टाइप 7’ बंगला देने का अधिकार है, लेकिन फिलहाल सभी टाइप 7 बंगले भरे हुए हैं। जैसे ही कोई बंगला खाली होगा, उसे केजरीवाल को सौंप दिया जाएगा।यह मामला दिल्ली की राजनीति में नया मोड़ लेकर आया है, जहां भाजपा ने केजरीवाल के निजी खर्चों और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं।
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