आजादी पर महापुरुषों के प्रसिद्ध कोट्स, जो बयां करते हैं आजादी के मायने!
महात्मा गांधी
“स्वतंत्रता का कोई मूल्य नहीं अगर उसमें गलती करने की आज़ादी शामिल न हो।”
“आज़ादी तभी सार्थक है जब वह सबसे कमज़ोर व्यक्ति के लिए भी हो।”
भगत सिंह
“वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन मेरे विचारों को नहीं मार सकते। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरी आत्मा को नहीं झुका सकते।”
“क्रांति ज़रूरी है, और क्रांति एक अधिकार है, जिस पर सिर्फ स्वतंत्रता-प्रेमी लोगों का हक है।”
“स्वतंत्रता का सच्चा अर्थ तभी सार्थक होगा जब देश के आखिरी इंसान को भी बराबरी का हक मिलेगा।”
जवाहरलाल नेहरू
“आज़ादी और सत्ता ज़िम्मेदारी लाती हैं। यह ज़िम्मेदारी उस संसद की है, जो भारत के सभी लोगों की प्रतिनिधि है।”
सुभाष चंद्र बोस
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा।”
चंद्रशेखर आज़ाद
“दुश्मन की गोलियों का सामना हम करेंगे, आज़ाद ही रहे हैं, आज़ाद ही रहेंगे।”
रवींद्रनाथ टैगोर
“जहाँ मन भय से मुक्त हो और सिर ऊंचा हो… उस स्वतंत्रता के स्वर्ग में, हे प्रभु, मेरे देश को जगाओ।”
बाल गंगाधर तिलक
“स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा।”
अब्दुल कलाम आज़ाद
“आज़ादी सिर्फ अंग्रेज़ों से मुक्ति नहीं, बल्कि हर उस बंधन से मुक्ति है जो इंसान को इंसान से अलग करती है।”
नेल्सन मंडेला
“आज़ाद होना सिर्फ अपनी ज़ंजीरें तोड़ना नहीं है, बल्कि दूसरों की आज़ादी का सम्मान और उसे बढ़ावा देना भी है।”
डॉ. राजेंद्र प्रसाद
“स्वतंत्रता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के बलिदान का प्रतिफल है।“
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