#politicswala report
दिल्ली। फ्लोरेंटाइन राजनयिक और राजनीतिक दार्शनिक निकोलस मैकियावेली ने अपनी पुस्तक “द प्रिंस” में कहा है, “किसी शासक की बुद्धिमत्ता का अनुमान लगाने का पहला तरीका उन लोगों को देखना है, जो उसके आस-पास हैं।
बिहार विधानसभा चुनावों में, विश्लेषण किए गए 243 विजेता उम्मीदवारों में से 130 ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इस मामले में सबसे बड़ी संख्या भाजपा के पास है।
आपराधिक केसों वाले उसके 43 उम्मीदवार जीते हैं। इनमें से तीन पर हत्या और तीन पर महिलाओं के साथ अपराध के मामले हैं। नीतीश कुमार की जद (यू) दूसरे नंबर पर है और उसके 23 विजेता इस सूची में शामिल हैं।
मौसम झा ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि, सभी 243 विजेता उम्मीदवारों के स्व-घोषित हलफनामों का विश्लेषण करने के बाद, 2025 में जीतने वाले उम्मीदवारों में से 102 ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, छह विजेता उम्मीदवारों ने घोषित किया है कि वे हत्या से संबंधित आरोपों (आईपीसी की धारा 302 के तहत) का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, उनकी संख्या पार्टी-वार इस प्रकार है।
भाजपा : 89 विजेता उम्मीदवारों में से 43
जेडी(यू) : 85 विजेता उम्मीदवारों में से 23
आरजेडी : 25 विजेता उम्मीदवारों में से 14
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास): 19 विजेता उम्मीदवारों में से 10
आईएनसी : 6 विजेता उम्मीदवारों में से 3
एआईएमआईएम : 5 विजेता उम्मीदवारों में से 4
राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 4 विजेता उम्मीदवारों में से 1
सीपीआई(एमएल)(एल) : 2 विजेता उम्मीदवारों में से 1
सीपीआई(एम) , इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी, और बसपा (BSP): इन सभी 1-1 विजेता उम्मीदवारों में से सभी 1-1 ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं.
You may also like
-
अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबोया ईरानी युद्धपोत IRIS Dena, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कसा तंज सरकार की चुप्पी को कहा “घिग्घी बंधना”
-
Nitish Kumar: नीतीश कुमार का राज्यसभा के लिए नामांकन का पर्चा बना चर्चा! बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रहे मौजूद
-
RAJYA SABHA ELECTIONS: बिहार से नितिन नवीन, हरियाणा से संजय भाटिया को टिकट; बीजेपी की पहली सूची जारी
-
होली के रंग में सियासी संकेत: क्या ‘मोहन मंत्रिमंडल’ में तय है बड़ा फेरबदल?
-
खामेनेई की हत्या पर भारत की चुप्पी पर सवाल: सोनिया गांधी ने विदेश नीति की दिशा पर उठाए कई मुद्दे
