भोपाल।बंसल हॉस्पिटल भोपाल के डॉक्टर्स ने एक ऐसा ऑपरेशन कर दिखाया जो मिसाल बन गया। इससे पीलिया जैसी बीमारी को छोटी मानकर अनदेखी करने वाले लाखों मरीजों को भी एक सीख मिलेगी। इस बेहद जटिल सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।
बैरागढ़ निवासी 48 वर्षीय महिला पीलिया से पीड़ित थी | एक महीने तक सही डॉक्टर्स से परामर्श न लेने पर मामला बिगड़ गया। जब मामला बंसल हॉस्पिटल पहुंचा तो डॉक्टर्स ने तुरंत जांच की। जाँच में पित्त की नली में और गॉलब्लेडर ( पित्त की थैली ) में गठान का पता चला |
इसके बाद बंसल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स की टीम ने तत्काल ट्रीटमेंट शुरू किया | दस घंटे तक इस ऑपरेशन की सफलता ने एक नई मिसाल कायम की। ऑपरेशन में मरीज के गॉलब्लेडर , पित्त की नली , पैंक्रियास का कुछ हिस्सा , छोटी आंत का कुछ हिस्सा और लिवर का कुछ हिस्सा ( हीपैटो – पैनक्रिएटो – डुओडेनेक्टॉमी ) निकाला गया |
यह ऑपरेशन बंसल अस्पताल के डॉ गुरसागर सिंह सहोता ने किया, सहोता लिवर ट्रांसप्लांट और हपेटो – पैनक्रिएटो – बिलियरी सर्जन है | डॉ हरभजन सिंह सैनी ( एच.ओ.डी एनैस्थिसिआ ) और उनकी टीम ने इस जटिल ऑपरेशन की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
डॉ अरुण सिंह ( गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट ) ने बताया की पित्त की नली में कैंसर बन जाने से पीलिया की शिकायत बन गई थी | इसलिए पीलिया की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और झाड़ फूक में नहीं पड़ना चाहिए जिससे बीमारी का कारण जल्दी पता चल सके और सही इलाज किया जा सके, क्योंकि पित्त की थैली और नली के कैंसर बहुत तेज़ी से फैलते है |
डॉ राहुल जैन ( रेडियोलॉजिस्ट ) ने इस बीमारी से जुडी स्कैनिंग में अपना अहम योगदान दिया | मरीज़ को ऑपरेशन के 9 दिन बाद , स्वस्थ हालत में घर भेजा गया। डॉ गुरसागर सिंह सहोता ने बताया की ऐसे जटिल और बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने में बंसल अस्पताल की बहु विषयक टीम का योगदान अनिवार्य रहा । ऑपरेशन के बाद कीमोथेरेपी की अहम भूमिका रहेगी ताकि बीमारी दुबारा न बन सके।
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