एलपीजी सिलेंडर को लेकर मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा बयान, मंत्री बोले घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक, वैकल्पिक ईंधन अपनाने की सलाह
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मध्यप्रदेश में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
दरअसल, इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। इसका असर भारत के कई हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश के कुछ शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर समस्याएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर होटल, उद्योग और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को गैस सिलेंडर मिलने में दिक्कतें आ रही हैं, जबकि कुछ जगहों पर कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
इस स्थिति के बीच मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलेंडरों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है और सप्लाई लगातार जारी है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी हालत में आम उपभोक्ता को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने यह भी कहा कि गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में एलपीजी की उपलब्धता पर लगातार नजर रखें। कलेक्टरों को तेल कंपनियों के अधिकारियों और एलपीजी वितरकों के साथ नियमित बैठक कर गैस आपूर्ति की समीक्षा करने के लिए भी कहा गया है, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आए तो तुरंत कार्रवाई की जा सके।
केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने और उन्हें नियमित रूप से गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। इसी निर्देश के तहत वितरण व्यवस्था में कुछ बदलाव भी किए गए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार अब घरेलू गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग पिछली डिलीवरी के कम से कम 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस मिल सके और अनावश्यक स्टॉक जमा करने की प्रवृत्ति पर रोक लगे।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए तेल कंपनियों ने यह भी निर्णय लिया है कि अभी अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति सीमित की जाएगी। होटल, मॉल, फैक्ट्री और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों जैसे उपभोक्ताओं को फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी और बाजार में अफरा-तफरी की स्थिति भी नहीं बनेगी।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जिला स्तर पर बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं के साथ भी बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। इन बैठकों में उन्हें उपलब्ध गैस स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। साथ ही उन्हें अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक ईंधन स्रोतों का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि यह कदम केवल अस्थायी व्यवस्था के रूप में उठाया गया है, ताकि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों को भी सतर्क रहने और स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार का कहना है कि एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार और तेल कंपनियां मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि प्रदेश के हर उपभोक्ता तक गैस की आपूर्ति नियमित रूप से पहुंचती रहे और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या कृत्रिम संकट पैदा न हो।
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