अमरनाथ: प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग लगभग पूरी तरह द्रवित…

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श्रीअमरनाथ यात्रा में तीन में 56 हजार श्रद्धालओं ने किये दर्शन

अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। पवित्र गुफा में स्थित बाबा बर्फानी का प्राकृतिक शिवलिंग अब पूरी तरह से पिघल चुका है। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा अभी 3 जुलाई से ही शुरू हुई थी, लेकिन यात्रा के चौथे दिन यानी मंगलवार तक हिमलिंग पूरी तरह समाप्त हो गया है।

एक सप्ताह के कयास थे, पर दो दिन में सब बदला- इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि मौसम और बढ़ते तापमान के कारण एक सप्ताह के भीतर शिवलिंग पिघल सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया उससे भी कहीं ज्यादा तेजी से हुई। सोमवार को जो तस्वीर सामने आई थी, उसमें शिवलिंग का आकार घटकर सिर्फ एक फीट रह गया था (करीब 90% हिस्सा गायब हो चुका था)। लेकिन इसके अगले ही दिन यानी मंगलवार को बाबा बर्फानी पूरी तरह से अंतर्ध्यान हो गए।

अगर इसके आकार के घटने के सफर को देखें, तो-

  • 23 मई: बीएसएफ (BSF) के जवानों द्वारा जारी तस्वीर में शिवलिंग करीब 7 फीट ऊंचा था।

  • 29 जून (पहली पूजा): हिमलिंग की ऊंचाई 5 फीट से ज्यादा थी।

  • 6 जुलाई (सोमवार): आकार सिमटकर सिर्फ 1 फीट रह गया।

  • 7 जुलाई (मंगलवार): शिवलिंग पूरी तरह पिघल चुका है।

रिकॉर्ड तोड़ भीड़, क्या 57 दिन चल पाएगी यात्रा? बाबा बर्फानी के पूरी तरह पिघल जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह यात्रा अपने तय शेड्यूल यानी 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक पूरे 57 दिन चल पाएगी?

हालांकि, श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही है। इस साल पिछले साल के मुकाबले भारी भीड़ उमड़ रही है। शुरुआती 3 दिनों में ही 56 हजार से ज्यादा तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं, जो 2025 के शुरुआती तीन दिनों के मुकाबले 18.6% ज्यादा है। इस साल यात्रा के लिए कुल 4 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों के लिए सख्त निर्देश श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंच रहे यात्रियों से अपनी यात्रा कुछ दिनों के लिए टालने की अपील की है।

  • प्रशासन के मुताबिक, 9 जुलाई तक के सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह फुल हो चुके हैं।

  • अगर कोई बिना रजिस्ट्रेशन के नुनवान-पहलगाम रूट या बालटाल रूट से आगे बढ़ने की कोशिश करेगा, तो उसे चेक पॉइंट्स पर रोक दिया जाएगा। उन्हें 9 जुलाई के बाद ही आगे जाने का मौका मिलेगा।

  • रविवार से केवल रजिस्टर्ड यात्रियों को ही कश्मीर की तरफ जाने की अनुमति दी जा रही है

प्राकृतिक रूप से बनते हैं बाबा बर्फानी:

अमरनाथ का हिम शिवलिंग कोई मानव निर्मित या तराशा हुआ बर्फ का ब्लॉक नहीं होता, बल्कि यह एक प्राकृतिक ‘आइस स्टैलेग्माइट’ है। गुफा की छत से टपकने वाला पानी प्राकृतिक रूप से जमकर यह आकार लेता है, जो हर साल वहां के मौसम, तापमान और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करता है। इस बार समय से पहले तापमान बढ़ने के कारण शिवलिंग यात्रा के शुरुआती दिनों में ही पूरी तरह पिघल गया है।

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