नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि हमें आने वाले वर्षों में, देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है, असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं।
ये संकल्प ‘सबके प्रयास’ से ही पूरे होंगे और लोकतंत्र में, भारत की संघीय व्यवस्था में जब हम ‘सबका प्रयास’ की बात करते हैं तो सभी राज्यों की भूमिका उसका बड़ा आधार होती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लिए लोकतन्त्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है। लोकतंत्र तो भारत का स्वभाव है, भारत की सहज प्रकृति है। उन्होंने कहा कि ये सम्मेलन हर साल कुछ नए विमर्शों और नए संकल्पों के साथ होती है।
हर साल इस मंथन से कुछ न कुछ अमृत निकलता है। आज इस परंपरा को 100 साल हो रहे हैं, ये भारत के लोकतांत्रिक विस्तार का प्रतीक है।
You may also like
-
SIR का पूरा गणित समझाया सुरजीत भल्ला ने, 13.37 करोड़ नाम हटे लेकिन कितने वोटर वास्तव में प्रभावित?
-
रूस से तेल खरीद पर भारत को राहत, मार्को रुबियो बोले- टैरिफ लगाने से पहले सोचना जरूरी
-
कोलकाता भगदड़: एक अनाउंसमेंट से मची अफरा-तफरी, 19 लोगों की मौत की क्या थी वजह?
-
कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ में 19 की मौत, आयोजक समेत 7 गिरफ्तार; अस्पताल पहुंचे अमित शाह
-
ट्रंप ने भारत पर 100% टैरिफ लगाने का फैसला टाला, रूसी तेल खरीद पर मिली अस्थायी राहत
