महाराष्ट्र में स्वयंभू गॉडमैन अशोक खरात पर, CM फडणवीस ने सख्त जांच का भरोसा दिया, कई संपत्तियों का खुलासा करने की बात की।
महाराष्ट्र में स्वयंभू ‘गॉडमैन’ अशोक खरात से जुड़ा मामला अब एक बड़े आपराधिक खुलासे के रूप में सामने आया है, जिसने न सिर्फ राज्य की राजनीति बल्कि समाज को भी झकझोर कर रख दिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इस पूरे मामले पर विस्तार से जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि जांच अब तक जिन तथ्यों को सामने ला चुकी है, वे बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं।
उन्होंने कहा कि आरोपी ने अपने आपको भगवान का अवतार बताकर महिलाओं को भ्रमित किया, उन्हें मानसिक रूप से अपने प्रभाव में लिया और फिर नशीले पदार्थ देकर उनका यौन शोषण किया। फडणवीस ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा और जिसके खिलाफ भी सबूत मिलेंगे, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक इस मामले में कुल आठ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से सात मामलों की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है, जबकि एक मामला नासिक पुलिस के पास है। उन्होंने यह भी कहा कि कई पीड़ित महिलाएं अभी भी सामने आने से डर रही हैं, इसलिए मीडिया को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी महिला की पहचान उजागर करने वाले वीडियो या सामग्री को तुरंत हटाया जाए, क्योंकि इससे पीड़िताओं की सुरक्षा और सम्मान पर खतरा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी पीड़िता की पहचान उजागर की तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले की शुरुआत भी अपने आप में दिलचस्प और चौंकाने वाली है। दिसंबर 2025 में खुद अशोक खरात ने नासिक ग्रामीण पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति ने उसे व्हाट्सएप के माध्यम से कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर पांच करोड़ रुपये की मांग की और पैसे न देने पर उन्हें वायरल करने की धमकी दी।
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हालांकि पुलिस जांच में खरात के फोन से ऐसी कोई तस्वीर बरामद नहीं हुई, लेकिन कॉल और मैसेज के कुछ रिकॉर्ड जरूर मिले। उस समय यह मामला वहीं शांत हो गया था, लेकिन फरवरी 2026 में एक और शिकायत ने इस केस को नया मोड़ दे दिया।
फरवरी में शिर्डी की एक महिला ने शिकायत की कि एक व्यक्ति ने उसकी एआई जनरेटेड आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की। हालांकि वह महिला कोई ठोस सबूत नहीं दे पाई, लेकिन पुलिस ने जांच जारी रखी। इसी जांच के दौरान एक गवाह सामने आया, जिसने पुलिस को लगभग 35 वीडियो दिखाए, जिनमें आठ अलग-अलग महिलाओं के साथ हुए कथित अपराध दर्ज थे। इ
न वीडियो में अशोक खरात द्वारा काले जादू के नाम पर महिलाओं का यौन शोषण करते हुए देखा गया। यह गवाह पहले सामने आने से डर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे सुरक्षा का भरोसा दिया, जिसके बाद उसने पूरी जानकारी साझा की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 मार्च को एक विशेष जांच दल का गठन किया गया और शुरुआती शिकायतों को उसे सौंप दिया गया। 17 मार्च को पुलिस ने वीडियो में दिख रही एक महिला को समझाकर एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें उसने बताया कि किस तरह उसे धार्मिक अनुष्ठानों के बहाने खरात के कार्यालय बुलाया गया, नशीला पदार्थ दिया गया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
उसने यह भी बताया कि उसे धमकी दी गई थी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसके पति की हत्या कर दी जाएगी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसी दिन खरात को गिरफ्तार कर लिया।
जांच आगे बढ़ने के साथ ही और भी मामले सामने आने लगे। एक महिला ने बताया कि 2020 से लेकर 2026 तक उसे बार-बार नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया गया और इस दौरान वह गर्भवती भी हो गई थी, जिसके बाद उसे गर्भपात की दवा दी गई।
एक अन्य मामले में एक कर्मचारी ने अपनी पत्नी के साथ हुए शोषण की शिकायत की, जिसमें बताया गया कि खरात ने धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर उसकी पत्नी के साथ अनुचित व्यवहार किया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसी तरह एक अन्य महिला ने बताया कि उसे ‘दैवीय शक्ति’ के नाम पर भ्रमित किया गया और उसके साथ जबरदस्ती की गई।
कई मामलों में यह बात सामने आई कि खरात महिलाओं को यह विश्वास दिलाता था कि वह भगवान का अवतार है और उसके संपर्क में आने से उनके जीवन की समस्याएं दूर हो जाएंगी। वह महिलाओं को डराता भी था कि यदि उन्होंने उसकी बात नहीं मानी तो उनके बच्चों को नुकसान होगा या परिवार पर कोई अनहोनी घटेगी।
इन डर और अंधविश्वास के माहौल में वह महिलाओं को अपने जाल में फंसाता और फिर उनका शोषण करता था। कुछ शिकायतों में यह भी सामने आया कि वह लोगों को नकली सांप और बाघ दिखाकर डराता था, उनसे पैसे वसूलता था और यहां तक कि कुछ लोगों को अजीब तरह के अनुष्ठान करने के लिए मजबूर करता था।
जांच में खरात की संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों का भी बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने उसके घर से लाखों रुपये नकद, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके फार्महाउस से हथियार, कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्री भी मिली है।
विभिन्न स्थानों पर फैली उसकी संपत्तियों में नासिक, सिन्नर, शिर्डी, पुणे और नवी मुंबई में जमीन, प्लॉट, फ्लैट और फार्महाउस शामिल हैं। उसके नाम और उसके परिवार के नाम पर कई एकड़ जमीन दर्ज है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उसने बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब 40 करोड़ 87 लाख रुपये की संपत्ति की पहचान की जा चुकी है और आशंका है कि इससे भी अधिक संपत्ति छिपाई गई हो सकती है।
इस कारण आयकर विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं कर चोरी या अवैध लेनदेन तो नहीं हुआ है। इसके अलावा उसके रिश्तेदारों और उससे जुड़े ट्रस्टों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
फडणवीस ने विधानसभा में यह भी कहा कि इस मामले में अभी और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं, इसलिए पुलिस लगातार जांच का दायरा बढ़ा रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने समाज से भी अपील की कि ऐसे मामलों में पीड़ितों का साथ दें और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता बढ़ाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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