नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि अगर राज्यसभा के निलंबित सांसद माफी मांगते हैं तो उनका निलंबन वापस ले लिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि मंत्रियों ने आज नई दिल्ली में डा अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित भाजपा संसदीय दल की बैठक के दौरान सांसदों के निलंबन का कारण बताया, जिसमें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया था।
जोशी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से कहा, ‘हमने समझाया कि उन्हें निलंबित क्यों करना पड़ा। देश ने देखा है कि जो कुछ हुआ है। यह रिकार्ड में है। अगर वे आज भी माफी मांगते हैं, तो हम निलंबन वापस लेने के लिए तैयार हैं।’
मानसून सत्र के आखिरी दिन हंगामा करने के लिए संसद के शेष शीतकालीन सत्र के लिए कुल 12 विपक्षी सांसदों को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के छह, टीएमसी और शिवसेना के दो-दो और सीपीएम और सीपीआई के एक-एक सांसद शामिल हैं।
निलंबित सांसदों में एलाराम करीम (सीपीएम), फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, आर बोरा, राजमणि पटेल, कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन और अखिलेश प्रसाद सिंह, भाकपा के बिनॉय विश्वम, तृणमूल कांग्रेस के डोला सेन और शांता छेत्री, शिवसेना के प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई हैं।
इसके अलावा बैठक का ब्योरा देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पद्म पुरस्कारों से सम्मानित लोगों के साथ कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।
जोशी ने कहा, ‘अच्छा काम करने वाले आम नागरिकों को पद्म पुरस्कार प्रदान किया गया है। पीएम ने पुरस्कार विजेता के साथ कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है।’
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ पार्टी की संसदीय बैठक में अमित शाह, पीयूष गोयल, एस जयशंकर, प्रह्लाद जोशी, जितेंद्र सिंह समेत केंद्रीय मंत्री मौजूद थे।
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