US Government Shutdown 2025: अमेरिका एक बार फिर सरकारी शटडाउन की चपेट में आ गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी अस्थायी फंडिंग बिल को सीनेट से पास नहीं करा पाए।
मंगलवार देर रात हुई वोटिंग में बिल के समर्थन में 55 वोट पड़े, जबकि इसके खिलाफ 45 वोट पड़े।
इसे पास कराने के लिए 60 वोटों की जरूरत थी। यानी बिल गिर गया।
अब सरकार के पास अपने कर्मचारियों की सैलरी और रोज़मर्रा के खर्चों के लिए फंडिंग नहीं बची।
यह स्थिति अमेरिकी कानून में “गवर्नमेंट शटडाउन” कहलाती है। 2019 के बाद पहला बड़ा शटडाउन है।
माना जा रहा है कि इससे करीब 9 लाख संघीय कर्मचारी प्रभावित होंगे, जिनमें से अधिकांश को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जाएगा।
क्यों नहीं पास हो सका फंडिंग बिल?
अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में 100 सदस्यीय सीनेट है, जिसमें 53 रिपब्लिकन, 47 डेमोक्रेट और 2 निर्दलीय सांसद शामिल हैं।
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने इस बिल को आगे बढ़ाया, लेकिन उसे पास कराने के लिए डेमोक्रेट्स का समर्थन जरूरी था।
विपक्ष ने बिल के खिलाफ वोट कर दिया। सबसे बड़ा विवाद ओबामा हेल्थकेयर सब्सिडी प्रोग्राम को लेकर हुआ।
डेमोक्रेट्स चाहते थे कि स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी बढ़ाई जाए।
रिपब्लिकन का तर्क था कि सब्सिडी बढ़ाने से सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और बाकी विभागों का खर्च प्रभावित होगा।
सोमवार को व्हाइट हाउस में इस मुद्दे पर ट्रंप और डेमोक्रेटिक नेताओं की बैठक हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
शटडाउन क्या होता है?
अमेरिका में फिस्कल ईयर 1 अक्टूबर से शुरू होता है। सरकार को हर साल बजट पास करना पड़ता है।
यदि तय समय तक बजट या अस्थायी फंडिंग बिल पारित नहीं होता, तो सरकार कानूनी तौर पर खर्च नहीं कर सकती।
इस स्थिति में “गैर-जरूरी” सेवाओं को बंद कर दिया जाता है। कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जाता है।
कुछ एजेंसियां सीमित स्टाफ के साथ काम करती हैं। इसे ही शटडाउन कहा जाता है।
इस बार क्या बंद होगा, क्या खुला रहेगा?
बंद या प्रभावित विभाग:
- शिक्षा विभाग: 90% कर्मचारियों की छंटनी होगी, हालांकि छात्र सहायता जारी रहेगी।
- स्मिथसोनियन म्यूजियम और नेशनल जू: दरवाज़े बंद रहेंगे।
- FDA: नई दवाओं और उपकरणों की मंजूरी में देरी होगी।
- नेशनल पार्क्स: कई साइट्स बंद होंगी या सीमित स्टाफ के साथ खुलेंगी।
जारी रहने वाली सेवाएं:
- FBI और CIA ऑपरेशंस
- सैन्य सेवा और रक्षा खर्च
- हवाई यातायात नियंत्रण
- सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर क्लेम्स
- डाक वितरण (USPS अपने स्वयं के राजस्व से चलता है)
ट्रंप के लिए फायदा या नुकसान?
शटडाउन से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल है कि इसका असर ट्रंप पर क्या पड़ेगा।
राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वे तय करें कौन-सी सेवा “जरूरी” है। इससे ट्रंप डेमोक्रेट्स के समर्थन वाले प्रोग्राम्स – जैसे शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य – को गैर-जरूरी घोषित कर सकते हैं।
ट्रंप ने खुद कहा है कि शटडाउन से “कई अच्छी चीजें होंगी”। उनका इशारा नौकरियों में कटौती और सरकारी खर्च घटाने की नीति की ओर था।
शॉर्ट-टर्म शटडाउन से ट्रंप को फायदा मिल सकता है, क्योंकि वे इसे डेमोक्रेट्स की हठधर्मिता बताकर अपना एजेंडा आगे बढ़ा सकते हैं।
लेकिन अगर यह लंबा खिंच गया, तो आर्थिक नुकसान और जनता की नाराजगी से उनकी छवि को भारी नुकसान हो सकता है।
अमेरिका पर क्या असर होगा?
- 9 लाख कर्मचारी छुट्टी पर भेजे जाएंगे या बिना वेतन काम करेंगे।
- सैलरी और पेंशन का भुगतान रुकेगा।
- सरकारी कामकाज में देरी होगी, खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े विभागों में।
- अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा, निवेशकों का भरोसा डगमगा सकता है।
शटडाउन का इतिहास
पिछले 50 सालों में अमेरिका में 20 बार शटडाउन हो चुका है।
- 2013: कनाडा बॉर्डर की देखरेख सिर्फ 1 कर्मचारी के भरोसे थी।
- 2018: वेतन न मिलने पर एयरपोर्ट कर्मचारी काम पर नहीं आए, कई उड़ानें रद्द हुईं।
- 2019: सबसे लंबा शटडाउन 35 दिन चला, अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लगभग 25 अरब डॉलर (25,000 करोड़ रुपए) का घाटा हुआ।
इस बार संकट क्यों बड़ा है?
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि 2025 का शटडाउन ज्यादा गंभीर हो सकता है क्योंकि ट्रंप पहले ही संघीय नौकरियों में 3 लाख की कटौती कर चुके हैं।
उन्होंने संकेत दिया है कि शटडाउन की आड़ में कई विभाग स्थायी रूप से बंद कर दिए जाएंगे।
व्हाइट हाउस ने एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे इस संकट के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराएं, जिससे राजनीतिक टकराव और गहरा सकता है।
रिपब्लिकन नेता कह रहे हैं कि वे रोजाना फंडिंग बिल को सीनेट में पेश करते रहेंगे। लेकिन जब तक डेमोक्रेट्स समर्थन नहीं देते, गतिरोध खत्म होना मुश्किल है।
डेमोक्रेट्स साफ कर चुके हैं कि वे तब तक समर्थन नहीं देंगे, जब तक मेडिकेड कटौती वापस नहीं ली जाती और अफोर्डेबल केयर एक्ट के टैक्स क्रेडिट बहाल नहीं होते।
अब यह शटडाउन कितना लंबा चलता है और इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था व ट्रंप की राजनीतिक छवि पर कितना पड़ता है, यही देखने वाली बात होगी।
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