Vande Mataram Bill

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‘वंदे मातरम् बिल’ लोकसभा से पास, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बन जाएगा कानून

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‘वंदे मातरम् बिल’ लोकसभा से पास, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बन जाएगा कानून….

विपक्ष के भारी हंगामे के बीच गुरुवार को लोकसभा ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 यानी चर्चित ‘वंदे मातरम् बिल’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

इससे पहले यह विधेयक 29 जुलाई को राज्यसभा से भी मंजूर हो चुका था। अब संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा।

सरकार का कहना है कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को वही कानूनी सुरक्षा देना है, जो वर्तमान में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को प्राप्त है। इस कानून के लागू होने के बाद राष्ट्रीय गीत का अपमान करना या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना दंडनीय अपराध माना जाएगा।

लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया और कई सवाल उठाए।

हालांकि, सरकार ने इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताते हुए ध्वनिमत से बिल पारित करा लिया। बिल पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

प्रस्तावित कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करता है, उसके गायन में बाधा डालता है या राष्ट्रीय गीत के प्रति अनादर दिखाता है, तो उसे अधिकतम तीन साल की जेल, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।

सरकार यह विधेयक ऐसे समय लेकर आई है, जब देश वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। सरकार का मानना है कि यह गीत भारत की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक रहा है, इसलिए इसे विशेष कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए।

वंदे मातरम् से जुड़े प्रस्तावित नियम

  • सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् गाया जाएगा।
  • कार्यक्रम की शुरुआत से पहले इसका गायन किया जाएगा।
  • गीत के सभी छह अंतरे गाना अनिवार्य होगा।
  • पूरा गायन लगभग 3 मिनट 10 सेकंड में पूरा किया जाएगा।
  • गायन के दौरान सभी लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
  • स्कूलों में प्रार्थना से पहले वंदे मातरम् गाने का प्रावधान किया जा सकता है

अब सभी की निगाहें राष्ट्रपति की मंजूरी पर टिकी हैं। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून पूरे देश में लागू हो जाएगा और राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर नए कानूनी प्रावधान प्रभावी हो जाएंगे।

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