अमेरिका: का जंगी बेड़ा USS अब्राहम लिंकन विध्वंसक युद्धपोत माना जाता है। असल बात तो यह है की अमेरिका की सैन्य ताकत की बात हो और USS अब्राहम लिंकन का नाम न आए, ऐसा तो संभव ही नहीं है। इसे परमाणु ऊर्जा से संचालित विमानवाहक पोत अमेरिकी नौसेना के सबसे शक्तिशाली और आधुनिक युद्धपोतों में गिना जाता रहा है। हाल के वर्षों में जब भी मध्य-पूर्व या किसी संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में तनाव बढ़ा है, USS अब्राहम लिंकन के नेतृत्व वाले एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती ने दुनिया का ध्यान इसकी ओर खींचा है।
दुनिया के सबसे विध्वंसक युद्धपोतों में से एक
USS अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से संचालित विमानवाहक पोत है, जो Nimitz-class श्रेणी में आता है। यह 1989 में सेवा में शामिल हुआ था और इसे समुद्र में चलता-फिरता एयरबेस माना जाता है। इसकी लंबाई लगभग 1,092 फीट करीब 333 मीटर है और इसका कुल वजन 1 लाख टन से अधिक है। अमेरिकी नौसेना और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आकार और क्षमता के लिहाज से यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में गिना जाता है।
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USS अब्राहम लिंकन की सबसे बड़ी ताकत इसका एयर विंग है। इस पर औसतन 70 से 90 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं। इनमें F/A-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान, EA-18G ग्राउलर इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर विमान, E-2D हॉकआई निगरानी विमान और MH-60 हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं। ये विमान हवा-से-हवा, हवा-से-जमीन हमलों, निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में कुशल हैं, जिससे यह पोत किसी भी युद्ध क्षेत्र में हवाई बढ़त दिलाने की क्षमता रखता है।
USS अब्राहम लिंकन परमाणु रिएक्टर से चलता है
तकनीकी रूप से USS अब्राहम लिंकन को दो परमाणु रिएक्टर संचालित करते हैं, जिससे इसकी रेंज लगभग असीमित हो जाती है और इसे वर्षों तक ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ती। आत्मरक्षा के लिए इसमें Phalanx CIWS, Rolling Airframe Missile (RAM) जैसे उन्नत रक्षा सिस्टम लगाए गए हैं, जो मिसाइल, विमान और अन्य खतरों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसके आधुनिक रडार और सेंसर सिस्टम किसी भी खतरे को समय रहते पहचानने में सक्षम माने जाते हैं।
केवल युद्ध के लिए नहीं बल्कि रणनीतिक दबाव भी बनाता है
USS अब्राहम लिंकन अकेला तैनात नहीं होता बल्कि इसके साथ एक पूरा Carrier Strike Group होता है, जिसमें गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज, क्रूजर और कभी-कभी परमाणु पनडुब्बियां भी शामिल रहती हैं। यह समूह मिलकर समुद्र, हवा और पानी के नीचे तीनों स्तरों पर युद्ध क्षमता पैदा करता है। सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, इसी वजह से USS अब्राहम लिंकन की मौजूदगी केवल युद्ध के लिए नहीं, बल्कि रणनीतिक दबाव और रोकथाम के लिए भी बेहद अहम मानी जाती।
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