राज्यपालों में बड़ा फेरबदल: बंगाल में आर.एन. रवि, बिहार में सैयद अता हसनैन, दिल्ली में तरनजीत सिंह संधू
देश में विधानसभा चुनावों और राजनीतिक समीकरणों के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपाल और उपराज्यपाल पदों पर बड़ा फेरबदल किया है. गुरुवार रात जारी अधिसूचना में कई अहम नियुक्तियों का ऐलान किया गया, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल तेफ हो गई है.
बंगाल के राज्यपाल ने दिया इस्तीफा, आर.एन. रवि की नियुक्ति
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के बीच राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने “व्यक्तिगत कारणों” का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उनके स्थान पर तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. आर.एन. रवि इससे पहले तमिलनाडु में डीएमके सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव को लेकर चर्चा में रहे थे। उनके बंगाल भेजे जाने को चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है.
बिहार के नए राज्यपाल बने लेफ्टिनेंट जनरल अता हसनैन
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. वे इस पद पर आरिफ मोहम्मद खान की जगह लेंगे. हसनैन भारतीय सेना में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं.
दिल्ली के उपराज्यपाल होंगे तरनजीत सिंह संधू
पूर्व भारतीय राजनयिक और अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल बनाया गया है. वे विनय कुमार सक्सेना की जगह लेंगे. विनय सक्सेना को अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है, जिससे प्रशासनिक फेरबदल का दायरा ओर व्यापक हो गया है.
अन्य राज्यों में भी बदलाव
इस फेरबदल के तहत कई अन्य राज्यों में भी नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं-
1. कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है.
2. शिव प्रताप शुक्ल को हिमाचल प्रदेश से तेलंगाना भेजा गया है.
3. तेलंगाना के मौजूदा राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है.
4. बिहार विधानसभा के पूर्व स्पीकर नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है.
5. वहीं तमिलनाडु में आर.एन. रवि के स्थानांतरण के बाद फिलहाल केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
ममता बनर्जी ने उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस के इस्तीफे और आर.एन. रवि की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले की जानकारी पहले नहीं दी गई और यह संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले केंद्र सरकार की ओर से दबाव बनाया गया हो सकता है।
राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक रणनीति का हिस्सा
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक राज्यपालों की यह नियुक्ति व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इसमें संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल, बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम तैयार करना और राज्यों में पार्टी सरकारों के कामकाज का मूल्यांकन भी शामिल बताया जा रहा है. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी नियुक्तियां संबंधित पदाधिकारियों के कार्यभार संभालने के साथ प्रभावी हो जाएंगी.
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