नई दिल्ली: में संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। स्वतंत्र के समर्थन में हिंदू संगठनों से जुड़े लोग संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर एकत्र हुए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन का आह्वान दक्ष चौधरी की ओर से किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र पर लगाई गई धाराओं को लेकर आपत्ति जताते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।
दक्ष चौधरी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ लगाए गए एससी/एसटी एक्ट, धारा 307 और पॉक्सो एक्ट जैसी धाराएं दबाव में जोड़ी गई हैं। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि पुलिस के रिकॉर्ड में संजय कुमार की चोट को गंभीर नहीं बताया गया था, ऐसे में बाद में लगाई गई धाराओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों और दावों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
यह मामला 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि उस दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट हुई थी।
संजय की शिकायत के आधार पर संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया था। निशु आजाद और CJP की ओर से लगातार आरोप लगाया जाता रहा है कि घटना में उनके पिता को गंभीर चोट पहुंची और पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ा एक वीडियो और पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसमें स्वतंत्र ने कथित तौर पर संजय कुमार के सिर पर हमला करने की बात कही थी।
क्या कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और मोदी जी की शह पर ये लुच्चा स्वतंत्र भारद्वाज इतरा कर कह रहा है कि “निशू के बाप का सर हम फाड़े हैं”
Student Protest में शामिल लड़की के पिता के सर पर 60 टांके आए, 307 के अंतर्गत ‘Half Murder’ का मामला बनता था लेकिन जेल जाने के बजाए वो रात भर मज़े… pic.twitter.com/4VTzdWsSAQ
— Dr. Ragini Nayak (@NayakRagini) September 3, 2026
बाद में उन्होंने अपने बयान का अलग पक्ष रखते हुए इसे हमला नहीं, बल्कि आत्मरक्षा की स्थिति बताया। उनका दावा था कि कई लोगों ने उन्हें घेर लिया था और अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें प्रतिक्रिया देनी पड़ी। इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इससे पहले उन्होंने हसनपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अपने खिलाफ कार्रवाई को लेकर बेफिक्र होने का दावा किया था।
स्वतंत्र की हिरासत से एक दिन पहले CJP की ओर से संसद मार्ग थाने में कई घंटे तक प्रदर्शन भी किया गया था। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर की घटना के दौरान संजय कुमार के सिर पर किसी व्यक्ति के हाथ में पहने कड़े से चोट लगी थी। उन्हें उपचार और चिकित्सकीय जांच के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया था।
पुलिस का कहना है कि मेडिको-लीगल जांच में चोट साधारण दर्ज की गई थी और खोपड़ी फटने या फ्रैक्चर से जुड़े दावों को सही नहीं पाया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि स्वतंत्र को पहले पूछताछ के लिए बुलाया गया था और बाद में छोड़ दिया गया था।
अब स्वतंत्र की दोबारा हिरासत और मामले में धाराओं को लेकर दिल्ली में विरोध शुरू हो गया है। एक ओर CJP और संजय कुमार के पक्ष से आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं स्वतंत्र के समर्थन में जुटे संगठन पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस ने मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में प्रकरण की आगे की जांच और अदालत में होने वाली कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि आरोपों और विभिन्न पक्षों के दावों का कानूनी निष्कर्ष क्या निकलता है।
जुर्म कुबूलने के बाद भी आरोपी की गिरफ़्तारी नहीं! CJP ने किया आंदोलन
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