चीनी-सरसों तेल की कीमतों से राहत नहीं, चीनी ₹60 के पार तो तेल ₹200 से ऊपर

Share Politics Wala News

नईदिल्ली 

चीनी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में गिरावट जरूर देखने को मिली है। लेकिन अब भी दाम 60 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊपर बना हुआ है। वहीं, सरसों का तेल अब भी 200 रुपये के पार ही बिक रहा है। चीनी और तेल ने मिलकर त्योहारों के इस सीजन को थोड़ा फीका बना दिया है। अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि कब तक दाम में गिरावट देखने को मिलेगी?

चीनी के दाम में गिरावट (Chini Ka rate)
बीते हफ्ते चीनी का रेट 65.08 रुपये प्रति किलोग्राम था। जोकि अब घटकर 62.57 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है। यानी रिटेल मार्केट में कीमतों में 3.85 प्रति किलोग्राम की गिरावट देखने को मिली है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार चीनी का रेट कल शुक्रवार को 59 रुपये प्रति किलोग्राम था। जोकि पिछले साल की तुलना में 14 रुपये अधिक है। बीते इस साल 4 सितंबर को 1 किलो चीनी के लिए लोगों को 45 रुपये खर्च करने पड़ रहे थे।

ड्यूटी फ्री चीनी इम्पोर्ट की मिली परमिशन
सरकार ने विदेशों से चीनी आयात करने के लिए खरीदारों को बड़ी छूट देते हुए इसे ड्यूटी फ्री कर दिया है। हालांकि, इसकी सीमा एक मिलियन टन की है। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इससे होलसेल के साथ-साथ रिटेल के दाम भी घटेंगे। इसके अलावा कालाबाजारी रोकने के लिए भी सरकार काफी सख्ती दिखा रही है।

सरसों के तेल का दोहरा शतक (Mustard Oil Price today)
पिछले एक महीने से सरसों के तेल का दाम भी सातवें आसमान पर है। कीमतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले साल इसका दाम 187 रुपये प्रति किलोग्राम था। जोकि इस समय 201 रुपये के आस-पास बना हुआ है। बीते एक महीने से सरसों के तेल की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं देखने को मिला।

कब गिरेगा चीनी और तेल का दाम
चीनी की कीमतों में फिलहाल कोई खास गिरावट की उम्मीद कम ही है। इस इंडस्ट्री पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट के अनुसार चीनी का रेट नई फसल के आने के बाद यानी अक्टूबर के बाद ही गिरने की संभावना है। वहीं, सरसों की कीमतों में आने वाले कुछ हफ्तों में आपको कटौती देखने को मिल सकती है। राजस्थान की फसल मार्केट में एंट्री करते ही दाम नीचे आ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *