भोपाल।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा अपने अंदाज़ से चौंकाते हैं। भोपाल में समिट के एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेन्शन सेंटर में भाजपा सांसद, विधायक और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मोदी के एक सवाल पर भाजपा के मंत्री, विधायक, सांसद औरबड़े नेता खामोश हो गए। बगले झाँकने लगे।
बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा भी मौजूद रहे। ढाई घंटे तक चली बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने विधायकों को पर्सनालिटी डेवलपमेंट और चुनाव जीतने के टिप्स भी दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के बीजेपी विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों से पूछा, बताइए किस विधायक के सोशल मीडिया पर 1 करोड़ फॉलोअर्स हैं। इस सवाल पर हॉल में चुप्पी छा गई, किसी ने भी जवाब नहीं दिया। दरअसल मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं में शिवराज सिंह चौहान को छोड़कर किसी के भी एक करोड़ फॉलोवर्स नहीं है।
इस एक सवाल के जरिये मोदी ने संकेत दे दिए कि भाजपा भविष्य में नेताओं की लोकप्रियता को सोशल मीडिया के नम्बर्स से भी जोड़कर देखेगी। टिकट या पद चाहिए तो जमीनी नेता के साथ साथ वर्तुअल उपस्थिति भी जरुरी है।इसके बाद पीएम मोदी ने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे से जुड़े संस्मरण पूछे तो एक दर्जन विधायकों ने अपने संस्मरण सुनाए।
बैठक के बाद बाहर निकले भाजपा सांसदों और विधायकों ने कहा कि बैठक शानदार रही। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी की बात सुनी और सहज, सरल होकर जनता की सेवा करने और गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कहा है। पीएम मोदी ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा जनता के बीच रहे। जमीन पर रहे, विकास कार्य करते रहे।
पीएम मोदी ने विधायकों से पूछा कि वे अपने क्षेत्र में विकास के लिए क्या कर रहे हैं। इस सवाल के जवाब में आलोट के विधायक चिंतामणी मालवीय, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा और छतरपुर विधायक ललिता यादव समेत 5-6 विधायकों ने ही जवाब दिया। पीएम मोदी ने विधायकों से कहा कि विधानसभा में वह तैयारी के साथ जाएं। विधायक जब पूरी तैयारी के साथ बोलते हैं तो अधिकारी प्रभावित होते हैं। वह विधायक अपनी एक अलग पहचान बनाता है। इससे क्षेत्र में काम करवाना आसान होता है। क्षेत्र का विकास होता है तो चुनाव जीतने में भी आसानी होती है।
You may also like
-
विक्रमोत्सव 2026 को मिला ‘बीटा गोल्ड अवार्ड’, सीएम मोहन यादव को सौंपा जाएगा सम्मान
-
मुसाफिर दो, सफर एक, रास्ता एक, मंजिल एक…जब ट्रेन में हुई जीतू पटवारी और खण्डेलवाल की मुलाकात!
-
स्लीमनाबाद टनल: क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव का यह ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ बदल देगा विंध्य और महाकौशल की तकदीर?
-
नरवर किले से इतिहास की चोरी: क्या सरकारी लापरवाही ने तोप तस्करों के लिए रास्ता खोल दिया?
-
दिल्ली में प्रदेश की गूंज, मुख्यमंत्री पर निवेशकों ने जताया भरोसा
