2004 के बाद ऐसा पहली बार, लोकसभा में बिना प्रधानमंत्री भाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पारित

Share Politics Wala News

2004 के बाद ऐसा पहली बार, लोकसभा में बिना प्रधानमंत्री भाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पारित

संसद के बजट सत्र के सातवें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव उस समय पारित हो गया, जब सदन में जबरदस्त हंगामा चल रहा था। खास बात यह रही कि यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पारित हुआ जो कि 2004 के बाद पहली बार हुआ है।

इससे पहले 10 जून 2004 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विपक्ष के हंगामे के कारण धन्यवाद प्रस्ताव नहीं बोल पाए थे।

हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही

बजट सत्र के दौरान जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबे के चलते स्पीकर को कार्यवाही पहले 65 सेकंड के भीतर और फिर दूसरी बार 5 मिनट में स्थगित करनी पड़ी। इसके बावजूद, भारी हंगामे के बीच धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

लोकसभा की कार्यवाही को बाद में दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। यह घटनाक्रम संसदीय इतिहास में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का संबोधन एक संवैधानिक परंपरा के रूप में देखा जा रह है।

राज्यसभा में राहुल गांधी को लेकर टकराव

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोका गया। खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

जब खड़गे ने उसी मुद्दे को राज्यसभा में उठाने की कोशिश की, तो उप-सभापति ने उन्हें नियमों का हवाला देते हुए रोक दिया।

सरकार का पलटवार और नड्‌डा का बयान

सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने खड़गे पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी नियमों का पालन नहीं करते और उन्हें समझाने की जिम्मेदारी कांग्रेस नेतृत्व की है।

इसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने तीखा बयान देते हुए कहा कि राज्यसभा में लोकसभा से जुड़े मुद्दे नहीं उठाए जा सकते और कांग्रेस को “अबोध बालक का बंधक” नहीं बनना चाहिए। नड्‌डा के इस बयान ने राजनीतिक तापमान और बड़ा दिया।

यह भी पढिए- राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को कहा मेरे गद्दार दोस्त, फिर बढ़ाना अपना हाथ!

वॉकआउट और आगे की राजनीति

सरकार ओपुर बिपक्ष के बीच बढ़ते टकराव के बाद विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 5 बजे राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। 


 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *