मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान: अब हर शुक्रवार जनता के बीच पहुंचेगी सरकार, खुद करेंगे अधिकारी समस्याओं की सुनवाई
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासन को जनता के और करीब लाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ की शुरुआत की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब हर शुक्रवार मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचेंगे।
सरकार का दावा है कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और आम नागरिकों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अभियान की शुरुआत छिंदवाड़ा जिले से की जा रही है, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
इसके तहत अधिकारी गांव, कस्बों और शहरों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे, मौके पर समाधान की दिशा में कार्रवाई करेंगे और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण भी करेंगे।
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सड़क, अस्पताल, स्कूल, मेडिकल कॉलेज, आईटीआई, तालाब, अमृत सरोवर, पंचायत भवन और थानों जैसी सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
सरकार ने इस अभियान को संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी जैसे चार प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित बताया है।
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रहें, बल्कि तय समय सीमा में उनका समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित मामलों की भी मौके पर समीक्षा की जाएगी और यदि किसी विभाग या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि सरकार का अर्थ केवल मंत्रालयों में बैठकर निर्णय लेना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना है।
सरकार का मानना है कि यदि यह अभियान निर्धारित उद्देश्य और गंभीरता के साथ लागू हुआ तो प्रशासनिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनेगी।
अब प्रदेश की निगाह इस बात पर रहेगी कि हर शुक्रवार अधिकारी वास्तव में जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करते हैं या यह पहल भी अन्य सरकारी अभियानों की तरह केवल कागजों तक सीमित रह जाती है।
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