नौकरशाहों की पीएम को चिट्ठी : तकनीकी ‘मौन’ के दौर में चिट्ठी क्यों लिखना ?
सत्ता-समर्थकों का तर्क है कि जो कुछ चल रहा है उसके प्रति बहुसंख्य नागरिकों में
सत्ता-समर्थकों का तर्क है कि जो कुछ चल रहा है उसके प्रति बहुसंख्य नागरिकों में
प्रशांत एपिसोड के पटाक्षेप के बाद पार्टी के सेवेंटी-प्लस योद्धाओं में उत्साह की लहर
अंग्रेजी अख़बारों से जुड़े दो मीडिया समूह के नाम भी चर्चा में है। इसमें
अकेले हिंदुस्तान ही नहीं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी सोशल मीडिया पर
अजमेर शरीफ और निजामुद्दीन औलिया की दरगाह में जाइए आपको मुसलमानों से ज्यादा हिन्दू
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि -देश की एकता और
धार्मिक स्थलों पर कब्ज़ा जमाने, ध्वजा लहराने को आतुर इस भीड़ की चाल को
वैसे भी सैकड़ों बरस पहले ऐसी आवाज लगाने की खिल्ली उड़ाते हुए इतिहास के
तेरह अप्रैल(बुधवार) को खरगोन के दहशतज़दा बहुसंख्यक रहवासियों द्वारा अपने मकान बेचने के खबरें
जिस देश की न्यायपालिका को मिलावट के मामलों में सजा देने में उसकी पच्चीस बरस