स्वतंत्रता दिवस 2026: पीएम मोदी ने लाल किले से कीं ऐतिहासिक घोषणाएं
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित किया।
अपने इस विशेष संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं, बुनियादी ढांचे, आधुनिक तकनीक और हरित ऊर्जा को केंद्र में रखते हुए कई क्रांतिकारी घोषणाएं कीं। वर्ष 2047 तक भारत को एक ‘विकसित भारत’ के रूप में स्थापित करने के अपने विजन को दोहराते हुए उन्होंने देश की प्रगति के लिए ‘सप्त धारा’ का मंत्र दिया।
युवाओं और शिक्षा के लिए बड़ा कदम
देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान पड़ने वाले भारी आर्थिक बोझ को समझते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने लाल किले से घोषणा की कि सरकार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक राष्ट्रव्यापी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क शुरू करेगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों के प्रतिभाशाली छात्रों को बिना किसी वित्तीय बाधा के देश के शीर्ष शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस कदम से डिजिटल इंडिया के माध्यम से शिक्षा का लोकतंत्रीकरण होगा और लाखों युवाओं के सपने साकार हो सकेंगे।
1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
डिजिटल युग की चुनौतियों और वैश्विक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर विशेष जोर दिया है। पीएम मोदी ने ऐलान किया कि आगामी एक वर्ष के भीतर देश के 1 करोड़ युवाओं को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में व्यावहारिक और विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह पहल भारत को न केवल ग्लोबल टेक हब बनाएगी, बल्कि युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार योग्य भी बनाएगी। इस योजना के तहत उद्योग-केंद्रित पाठ्यक्रम और व्यावहारिक वर्कशॉप के जरिए युवाओं को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा।
भविष्य के एथलीटों के लिए ‘स्पोर्ट्स टैलेंट हंट’
खेल के क्षेत्र में भारत को विश्व स्तरीय महाशक्ति बनाने के उद्देश्य से सरकार ने जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि देश के गांवों और शहरों में 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक व्यापक स्पोर्ट्स टैलेंट हंट (खेल प्रतिभा खोज अभियान) चलाया जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से छोटी उम्र में ही बच्चों की क्षमता को पहचाना जाएगा और उन्हें विश्व स्तरीय कोचिंग, बुनियादी ढांचा तथा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन कर सकें।
सेमीकंडक्टर और ‘मेक इन इंडिया’ की नई उड़ान
तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र में भारत की तेजी से बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को और अधिक गति देने के लिए अगले 1 से 2 वर्षों में 7 से 8 नए सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित और चालू किए जाएंगे।
वैश्विक चिप संकट के दौर में भारत का सेमीकंडक्टर हब बनना न केवल देश की इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
परमाणु ऊर्जा का 100 GW का लक्ष्य और पर्यावरण सुरक्षा
स्वच्छ और सतत ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि इस दीर्घकालिक योजना के हिस्से के रूप में अगले एक दशक के भीतर देश में 5 नए परमाणु रिएक्टर चालू किए जाएंगे।
यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करके वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विकसित भारत 2047 का रोडमैप
अपने संबोधन के समापन चरण में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष यानी 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने का खाका प्रस्तुत किया। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय क्षमता के सात शक्तिशाली स्रोतों, जिन्हें ‘सप्त धारा’ का नाम दिया गया है, को मजबूत करने का आह्वान किया।
इन सात स्तंभों में शिक्षा, कौशल विकास, खेल, मेक इन इंडिया, परमाणु ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और समावेशी विकास शामिल हैं।
