प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़ी.. थामा भाजपा का दामन, कहा- ‘अपमानित हुआ, गुजारा करना मुश्किल हुआ!

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असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका: प्रद्युत बोरदोलोई ने साथ छोड़ा! थामा भाजपा का दामन, कहा- ‘अपमानित हुआ, गुजारा करना मुश्किल हुआ’

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असम की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। नागांव से लोकसभा सांसद Pradyut Bordoloi ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे बोरदोलोई का यह फैसला ऐसे समय में आया है।

जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। उनके इस कदम को भाजपा के लिए मजबूती और कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

प्रद्युत बोरदोलोई, जो कभी Tarun Gogoi सरकार में मंत्री रह चुके हैं, ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद भाजपा जॉइन की। वे असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। इस मौके पर भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों में विश्वास और विकास की राजनीति से जुड़ा फैसला बताया।

बोरदोलोई ने अपने इस निर्णय के पीछे की वजह भी खुलकर सामने रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर उन्हें लगातार नजर अंदाज किया जा रहा था और कई मुद्दों पर उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा।

उनका कहना था कि उन्होंने जीवन भर कांग्रेस के साथ काम किया, लेकिन हाल के समय में वे खुद को पार्टी में अलग-थलग महसूस करने लगे थे। उनके अनुसार, यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन सम्मान और आत्मसम्मान के लिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि पार्टी के भीतर उनकी बात सुनी नहीं जा रही थी और नेतृत्व की ओर से भी कोई सहानुभूति नहीं मिल रही थी। ऐसे में उनके सामने विकल्प सीमित रह गए थे। उन्होंने साफ किया कि यह सिर्फ टिकट का मुद्दा नहीं था, बल्कि व्यापक असंतोष और कार्यशैली को लेकर नाराजगी थी।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि यह टिकट वितरण से जुड़ी नाराजगी का परिणाम हो सकता है।

उनका मानना था कि यदि समय रहते बातचीत होती तो शायद स्थिति अलग होती। वहीं असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने दावा किया कि पार्टी के भीतर संवाद की प्रक्रिया जारी थी और इस तरह का कदम उठाना उचित नहीं था।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के भीतर असंतोष की झलक भी देखने को मिली। कांग्रेस सांसद Sukhdeo Bhagat ने कहा कि चुनाव के समय पार्टी के नेताओं को एकजुट रहना चाहिए और मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर संवाद की कमी ही इस तरह की परिस्थितियां पैदा करती है।

इसी दौरान नवाज्योति तालुकदार ने भी कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और मुख्यमंत्री सरमा की नेतृत्व क्षमता की तारीफ की। इससे साफ है कि असम कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान बढ़ती जा रही है, जिसका सीधा असर चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है।

वहीं Gaurav Gogoi ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि यह सब एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बोरदोलोई के इस्तीफे को लेकर फैल रही खबरों में भी भ्रम की स्थिति पैदा की गई।

बोरदोलोई के जाने से कांग्रेस को एक और बड़ा झटका इसलिए भी लगा है क्योंकि इससे पहले पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष Bhupen Kumar Borah भी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। लगातार हो रहे इस तरह के बदलाव कांग्रेस के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं।

अब स्थिति यह है कि असम में कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की संख्या घट गई है। बोरदोलोई 1998 से 2016 तक मार्घेरिटा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रहे और 2001 से 2015 तक मंत्री भी रहे। इसके बाद उन्होंने 2019 और 2024 में लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में अपनी जगह बनाई थी

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सांसद Priyanka Chaturvedi ने चिंता जताई और कहा कि विपक्षी नेताओं को लगातार तोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल किया जाना लोकतांत्रिक दृष्टि से गंभीर विषय है। उनका कहना था कि यह प्रवृत्ति राजनीति के लिए सही संकेत नहीं है।

अब नजरें आगामी विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं, जहां 9 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना होनी है। भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है,

जबकि कांग्रेस अपने संगठन को संभालने और चुनावी लड़ाई में मजबूती दिखाने की चुनौती से जूझ रही है। ऐसे में प्रद्युत बोरदोलोई का यह कदम असम की सियासत में बड़ा असर डाल सकता है और चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है।

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