अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबोया ईरानी युद्धपोत IRIS Dena, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कसा तंज सरकार की चुप्पी को कहा “घिग्घी बंधना”
हिंद महासागर में हुई एक सैन्य घटना ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के फ्रिगेट IRIS Dena को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। यह हमला श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुआ बताया जा रहा है। घटना के बाद ईरान ने अमेरिका की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुआ हमला
जानकारी के अनुसार यह हमला हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिणी समुद्री इलाके के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया। कुछ ही पलों में जहाज में बड़ा विस्फोट हुआ और वह समुद्र में डूब गया। इस घटना को कई विशेषज्ञ हाल के वर्षों में समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मान रहे हैं।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी नौसेना के जहाज पर हमला करना “समुद्र में किया गया बड़ा अपराध” है। उनके मुताबिक जहाज पर लगभग 130 नाविक सवार थे और यह हमला बिना किसी चेतावनी के किया गया। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि इस कार्रवाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अखिलेश ने कसा तंज सरकार की चुप्पी को कहा “घिग्घी बंधना”
“एक्स” पोस्ट में अखिलेश ने लिखा की किसी देश के सबसे ख़ास से लेकर आम नागरिकों तक पर हो रहे जानलेवा हमलों व जंग के इन हालातों में हमारे देश की सरकार, इस अंतरराष्ट्रीय विषय पर अपना रुख़ साफ़ करे और बताए कि वो जंग के साथ है या अमन के और युद्ध को रोकने व शांति की बहाली के लिए एक तटस्थ देश होने के नाते क्या कूटनीतिक प्रयास कर रही है।
हमारे देश की सरकार, हर संभव स्तर पर, युद्ध में मारे जानेवालों से जुड़ी ख़बरों की पुष्टि करे और सच क्या है ये जनता के सामने रखे। युद्धकालीन समाचार अक्सर रणनीति का हिस्सा होते हैं, इसीलिए उनकी पुष्टि की ज़रूरत होती है। इंसान के साथ इंसानियत का मारा जाना बेहद अफ़सोसजनक है। हर देश को ज़िम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए।
भारत के नौसैनिक कार्यक्रम से लौट रहा था जहाज
बताया जा रहा है कि IRIS Dena हाल ही में भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहा था। यह युद्धपोत फरवरी के तीसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में हुए MILAN 2026 और इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का हिस्सा बना था। इस कार्यक्रम में कई देशों की नौसेनाओं ने भाग लिया था। जहाज विशाखापत्तनम से ईरान लौट रहा था, तभी उस पर यह हमला हुआ।
हमले में भारी नुकसान की आशंका
हमले के बाद जहाज पर मौजूद नाविकों को भारी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार करीब 80 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। श्रीलंका नौसेना ने बचाव अभियान चलाते हुए लगभग 30 नाविकों को समुद्र से निकाल लिया है। उन्हें इलाज के लिए गाले के करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ नाविक अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय हुई है जब मध्य पूर्व में पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद क्षेत्र में टकराव की स्थिति बन गई। इसी घटनाक्रम के बीच हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हमला होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस घटना के बाद कूटनीतिक स्तर पर समाधान नहीं निकला तो समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं और आगे की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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