कमलनाथ ने भाजपा से पूछा-भगवा का ट्रेडमार्क है क्या ?
अंतर यह है कि हम सभी में धार्मिक भावनाएं हैं, लेकिन हम इसे राजनीतिक मंच
अंतर यह है कि हम सभी में धार्मिक भावनाएं हैं, लेकिन हम इसे राजनीतिक मंच
पंकज मुकाती (संपादक, politicswala ) होइहि सोइ जो राम रचि राखा। अर्थात जो श्रीराम ने
दिल्ली और पंजाब की जेलों में बंद हत्यारों के खूंखार गिरोह जेल के भीतर से,
रामकथा का मंच कविता का मंच नहीं है, न ही कोई टीवी शो का प्लेटफार्म।
सत्ता की ऐसी गुंडागर्दी का मुकाबला देश की जनता बेहतर तरीके से कर सकती है,
पंकज मुकाती (संपादक, #politicswala) पंडित प्रदीप मिश्रा। शिवपुराण के वाचक। बड़ा ललाट। लालिमा वाला तिलक।
दिक्कत धर्म में नहीं इंसानों में है… एक मुस्लिम महिला की प्रेम कथा – जो
, दो भारत हैं, एक गरीबों का, दूसरा अमीरों का। जिस देश में लोग ऐसे
दिल्ली। 2002 गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर रोक के मामले पर सुप्रीम
क्योंकि हम वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा पर काम करते हैं। किसी ने मजबूरी में गौ