न्यूज़ रूम से पहले इंदौर के सराफे में पहुंची राजीव गांधी की हत्या की खबर
21 मई 1991 के रात जब राजीव गांधी के हत्या के खबर आई उस वक्त
21 मई 1991 के रात जब राजीव गांधी के हत्या के खबर आई उस वक्त
कोरोना में जनता की तरफ से आवाज उठाने के साथ- साथ सियासत में भी
कुछ राष्ट्र प्रमुख अपने अनूठे, अजीब बयानों के लिए ही जाने जाते हैं। ऐसा
कोरोनाकाल में पत्रकारिता में फैले चमकीली तस्वीर दिखाने और सत्ता पक्ष की पैरवी करने के
राहुल गांधी के मजदूरों के पांच मिनट साथ बैठकर बात करने को वित्तमंत्री ने
अपूर्व भारद्वाज एक लड़का.. जिसने अपनी दादी का गोलियां से छिन्न भिन्न शरीर देखा..
पूरे देश में मजदूर सड़कों पर हैं,मंदिरो और प्रवचनों के जरिये दान में करोड़ों रूपया
अजीत जोगी जैसे योद्दा और दिग्विजय जैसे रणनीतिकार के करीब आने से मध्यप्रदेश की
हिन्दुस्तानियों के लिए मोदी सरकार के दिए आत्मनिर्भर के मन्त्र पर तीखा प्रहार करते हुए
सिंधिया को दस मंत्री मिलना तय पर बचे हुए पद में से भाजपा के लिए