लखनऊ में मोबाइल की EMI नहीं चुका पाने पर युवक को कथित तौर पर बंधक बनाने और मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ में मोबाइल की किस्त नहीं चुका पाने पर एक युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट और जबरदस्ती किए जाने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि मोबाइल की EMI बकाया होने के बाद कुछ लोग युवक को अपने साथ ले गए और करीब चार दिनों तक उसे बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उससे कथित तौर पर मजदूरी कराई गई और उसका एक यूनिट खून भी निकाला गया। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामला निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा गांव का बताया जा रहा है। पीड़ित युवक ने करीब एक साल पहले लखनऊ की एक मोबाइल दुकान से सैमसंग का फोन खरीदा था। परिवार के मुताबिक, फोन की कीमत करीब 21,500 रुपये थी और इसे जीरो डाउन पेमेंट पर लिया गया था। इसकी रकम 12 महीने की किस्तों में चुकाई जानी थी। हालांकि, युवक पहली किस्त ही जमा नहीं कर सका।
परिजनों का आरोप है कि EMI नहीं मिलने के बाद दुकान से जुड़े कुछ लोग युवक का मोबाइल लेकर चले गए। इसके करीब एक साल बाद 8 सितंबर को कुछ लोग दोबारा उसके पास पहुंचे और उसे मोबाइल दुकान ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गए। इसके बाद युवक को कथित तौर पर एक मकान में रखा गया, जहां उससे दिन-रात काम कराया गया।
परिवार की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित की मां के मुताबिक, युवक को पहले लखनऊ ले जाया गया और वहां उसका खून निकाला गया। इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में रखा गया। आरोप यह भी है कि युवक को धमकाया गया और पैसे नहीं देने पर गोमती नदी में फेंकने की बात कही गई।
मामले के दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पीड़ित के फोन से उसके परिवार को कॉल किया और पहले कुछ हजार रुपये मांगे। परिवार ने रकम भेजी, लेकिन इसके बाद अतिरिक्त पैसों की मांग की गई।
परेशान होकर पीड़ित की मां ने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद युवक को पांचवें दिन घर भेजा गया। आरोप है कि उसे वापस भेजने के लिए कैब की व्यवस्था की गई, जिसका खर्च भी परिवार से ही लिया गया।
घर लौटने के बाद युवक की हालत देखकर परिवार के लोग परेशान हो गए। उसके शरीर पर चोट के निशान होने का दावा किया गया है। युवक ने बताया कि उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई।
परिवार का आरोप है कि शुरुआत में थाने में उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 14 सितंबर को पीड़ित की मां डीसीपी कार्यालय पहुंचीं और पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बाद डीसीपी ने निगोहां थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की हैं। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
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