अवधेश नायक के बिना क्या दतिया उपचुनाव जीत पाएगी बीजेपी?
दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब कांग्रेस नेता अवधेश नायक की घर वापसी कराने के प्रयासों में जुटी दिखाई दे रही है। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद यह घटनाक्रम और अधिक चर्चा में आ गया है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के बाद अब मंत्री राकेश शुक्ला भी अवधेश नायक को मनाने उनके घर पहुंचे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा सार्वजनिक मंच से कह चुके हैं कि वे पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में घर-घर जाकर वोट मांगेंगे।
राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि यदि अवधेश नायक की भाजपा में वापसी होती है, तो इसे नरोत्तम मिश्रा के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा सकता है।
कांग्रेस में बढ़ी नाराजगी
दतिया उपचुनाव के दौरान कांग्रेस नेता अवधेश नायक की नाराजगी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी उन्हें मनाने उनके घर पहुंचे थे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी सार्वजनिक मंच से उनका टिकट कटवाने की बात स्वीकार करते हुए उनसे माफी मांगी थी।
हालांकि इन तमाम प्रयासों के बावजूद अवधेश नायक प्रचार अभियान से दूरी बनाए हुए हैं।
स्टार प्रचारकों की सूची से भी बाहर
राजनीतिक चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची में भी अवधेश नायक को शामिल नहीं किया। जबकि उसी क्षेत्र के नेता राजेंद्र भारती का नाम सूची में शामिल किया गया है। इसे भी राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं
सूत्रों के मुताबिक दतिया उपचुनाव में कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के पक्ष में प्रचार करते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में सक्रिय होने की भी चर्चा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा क्यों कर रही है प्रयास?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा दतिया उपचुनाव में स्थानीय समीकरणों को मजबूत करने के लिए अवधेश नायक को अपने साथ लाने का प्रयास कर रही है। यही वजह है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार उनसे संपर्क साध रहे हैं।
2028 की टिकट और मंत्री पद की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक अवधेश नायक की संभावित घर वापसी को लेकर राजनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है। चर्चा है कि वे वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में टिकट की गारंटी और भविष्य में मंत्री पद जैसे मुद्दों पर आश्वासन चाहते हैं। हालांकि इस संबंध में भाजपा या अवधेश नायक की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अब देखना होगा कि दतिया उपचुनाव के बीच भाजपा और कांग्रेस की यह राजनीतिक रणनीति किस दिशा में जाती है और अवधेश नायक आने वाले दिनों में कौन-सा फैसला लेते हैं।
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