UP MLC Election 2026 के लिए भाजपा ने छह उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। जानिए किस सीट से किसे टिकट मिला और 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव का पूरा कार्यक्रम।
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने छह निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की ओर से जारी सूची में वाराणसी स्नातक, मेरठ स्नातक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक, वाराणसी शिक्षक, आगरा शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट के प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं।
भाजपा की ओर से वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केदार नाथ सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल चुनाव मैदान में होंगे। इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अशोक कुमार राठौर को टिकट दिया गया है।
वहीं वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा और आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी को प्रत्याशी बनाया गया है। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

इन 11 विधान परिषद सीटों में पांच सीटें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह सीटें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की हैं। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होना है। चुनाव आयोग पहले ही इन सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर चुका है। इसके मुताबिक 29 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का कार्यक्रम है।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर ध्रुव त्रिपाठी का नाम खास तौर पर चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह इस निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीन बार निर्वाचित हो चुके हैं। अब भाजपा ने उन्हें पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है। इस सीट पर उनकी उम्मीदवारी को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में चर्चा चल रही थी।
विधान परिषद के इन चुनावों को लेकर भाजपा ने संगठन स्तर पर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी के नेताओं की ओर से शिक्षक और स्नातक मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने तथा चुनाव प्रबंधन को विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तर्ज पर व्यवस्थित करने की बात कही गई है। भाजपा महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रत्येक मतदाता से संपर्क करने की रणनीति पर काम करने को कहा है।
इन चुनावों के साथ उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों का चुनाव अलग निर्वाचन प्रक्रिया के तहत होता है और इसके मतदाता भी सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होते हैं। ऐसे में इन चुनावों के परिणामों को उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के संदर्भ में ही देखा जाएगा।
अब भाजपा की ओर से छह उम्मीदवारों की घोषणा के बाद इन सीटों पर मुकाबले की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। आने वाले दिनों में अन्य राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से नामांकन के बाद प्रत्येक सीट पर मुकाबले की स्थिति और स्पष्ट होगी। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना के साथ यह तय होगा कि इन 11 विधान परिषद सीटों पर नए सदस्य कौन होंगे।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते सुनवाई
You may also like
-
बारापुला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन, नोएडा से AIIMS जाना होगा आसान
-
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते सुनवाई
-
नंदीग्राम से कांग्रेस प्रत्याशी मिलान प्रधान को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत
-
रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर, 1 अक्टूबर से टिकट चेकिंग का बड़ा अभियान
-
राशन कार्डधारकों के लिए बड़ा अपडेट, 1.58 करोड़ कार्ड अक्टूबर से हो सकते हैं बंद
